Gujarat chunavi dangal:- गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल गुजरात के घाट लोदिया विधानसभा से विधायक है और अपने गढ़ के महारथी भी। इनकीं गिनती गुजरात के कद्दावर नेताओं में की जाती है और यह भाजपा के लिए काफी फायदेमंद साबित हुए हैं। यह राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के बेहद करीबी और जनता के प्रिय माने जाते हैं भाजपा ने इन्हें मुख्यमंत्री पद का दावेदार पाटीदार समाज को ध्यान में रखते हुए बनाया और आज वह उसी पर ध्यान केंद्रित किये हुए हैं।
Read Also : Gujarat chunavi dangal : अगर भाजपा में गए हार्दिक तो क्या होगा कांग्रेस का हाल
भूपेंद्र के राजनीतिक करियर पर डाले नजर:-
अगर हम भूपेंद्र पटेल की बात करें तो यह पेशे से सिविल इंजीनियर है इन्होंने गुजरात की राजनीति में कदम रखते ही अपनी एक अलग पहचान बना ली और भाजपा में दमदार एंट्री की। अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करते ही वर्ष 1999 से 2000 में तक यह स्थाई समिति के अध्यक्ष रहे और मेमनगर नगरपालिका के अध्यक्ष बने। इसके बाद यह स्कूल बोर्ड के वाइस प्रेसिडेंट रहे व वर्ष 2015 में इन्हें शहरी प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया। इन्होंने अपनी धमक और अपने कार्यो के बलबूते पर जनता को अपनी ओर किया और वर्ष 2017 में यह चुनावी रणभूमि में कूद पड़े।
पहली बार ही जीत से बनाया भूपेंद्र ने दबदबा:-
भूपेंद्र जब पहली बार मैदान में उतरे तो सभी के मन मे यह सवाल था की यह घाट लोदिया विधानसभा से कैसे जीतेंगे क्योंकि यह नए उम्मीदवार है और इस सींट पर कांग्रेस का दबदबा है। लेकिन जब परिणाम घोषित हुआ तो सब दंग रह गए इस सींट से भूपेंद्र पटेल को जीत हासिल हुई। इन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी शशिकांत पटेल को 117000 वोटो से करारी मात दी। जानकारी के लिए बता दें भूपेंद्र पटेल से पूर्व इस सींट से आनंदी बेन पटेल ने चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी।
Also Read : CM नीतीश ने किया पटना Airport पर गृहमंत्री का स्वागत तो गरमाई बिहार की सियासत
भूपेंद्र को मुख्यमंत्री बनाने के पीछे थी बड़ी वजह:-
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी द्वारा अपने पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद गुजरात का मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को बनाया गया। भूपेंद्र को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाए जाने के पीछे कई सियासी गठजोड़ थे। पहला तो विजय रुपाणी से कोरोना के दौरान जनता रुष्ट थी और भाजपा अपने हाँथ से सत्ता नहीं जाने देना चाहती थी जिसके चलते उसने विकल्प के तौर पर भूपेंद्र पटेल को जनता के बीच मुख्यमंत्री के रुप में प्रस्तुत किया। भूपेंद्र से गुजरात मे भाजपा को काफी लाभ हुआ एक तो भूपेंद्र के आने से पाटीदार समाज को आकर्षित करने के लिए भाजपा ने पहला कदम बढ़ाया दूसरा अपनी सरकार के दौरान हुए आलोचनात्मक कामो का बीड़ा विजय रुपाणी के माथे मढ़ कर अपना पल्ला साफ कर लिया।
