अशोक गेहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष पद हटने के बाद अब मुकाबला शशि थरूर और दिग्विजय सिंह के बीच रह गया है हालाँकि कहा ये भी जा रहा कि अभी एक नाम और इसमें शामिल हो सकता है जिसपर अभी सस्पेंस बरकरार है. आज के नए घटनाक्रम के बाद जो बड़ी बात हुई उसके मुताबिक गेहलोत के इंकार के बाद शशि थरूर ने एक ट्वीट करके दिग्विजय सिंह के एक दोस्ताना मुकाबले की बात कही, वहीँ उनके ट्वीट का जवाब देते हुए दिग्विजय ने भी कहा कि हम दोनों साम्प्रदायिकता के खिलाफ लड़ेंगे। हम दोनों का मकसद कांग्रेस पार्टी को उठाना है और उसे जिताना है. बता दें कि थरूर ने दिग्विजय के साथ गले लगते हुए एक फोटो भी साझा की है.
बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के नामांकन की अंतिम तारीख कल यानि 30 सितम्बर है और अभी तक किसी ने भी परचा दाखिल नहीं किया है. जानकारी के मुताबिक अभी तक सिर्फ शशि थरूर और दिग्विजय सिंह ने ही नॉमिनेशन फॉर्म लिया है, इसके अलावा कहा जा रहा है कि वरिष्ठ नेता पवन बंसल ने भी नामांकन पत्र खरीदा है. फिलहाल गेहलोत के अलग होने के बाद काफी चीज़ें क्लियर हो गयी हैं. भले सोनिया गाँधी ने यह बात स्पष्ट कर दी हो कि उनका कोई उम्मीदवार नहीं है फिर भी थरूर को विरोधी खेमे का ही उम्मीदवार माना जा रहा है, इसका मतलब यह भी हो सकता है कि दिग्विजय गाँधी फैमिली के उम्मीदवार होंगे या फिर यह भी हो सकता है कि जिस तीसरे उम्मीदवार की बात हो रही है वो गाँधी फैमिली को रिप्रेजेंट करे.
थरूर को जहाँ कांग्रेस की नयी पीढ़ी माना जा रहा है, वहीँ दिग्विजय सिंह कांग्रेस के पुराने स्कूल के विद्यार्थी रहे हैं. दो बार लगातार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहने वाले अक्सर अपने बयानों से विवादों में फंसते रहे हैं वहीँ थरूर भी कई विवादों से गुज़र कर यहाँ तक पहुंचे हैं, उन्हें G-23 का एक सदस्य माना जाता है और वह अपने बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते हैं.

