सचिवालय में प्रेस वार्ता के दौरान बोले सीएम
नैनीताल और हरिद्वार में अचानक सामने आए कोरोना मामलों में सुपर स्प्रेडर मरीज की भूमिका हो सकती है। इसलिए, सरकार हालात पर नजर रखे हुए है। यह बातें मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कही।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में शुक्रवार को कोरोना बम फूटा है। प्रदेश के गढ़वाल व कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों में आज कोरोना वायरस के 272 मरीज सामने आए हैं। प्रदेश में इतनी बड़ी संख्या में कोरोना वायरस पीड़ितों के सामने आने से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5717 पहुंच गई है। विभाग अब संक्रमितों के संपर्क में आए संदिग्धों की पहचान करने में जुट गया है, ताकि उन्हें क्वारंटाइन किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों में 272 पीड़ितों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। 272 मरीजों में से सबसे ज्यादा 90 संक्रमित यूएस नगर में आए हैं। नैनीताल जिले में 77, देहराूदन में 30, हरिद्वार में 29, अल्मोड़ा में 31, चंपावत में 11, पिथौरागढ़ में 2 और रुद्रप्रयाग व उत्तरकाशी जिले में एक-एक मरीज सामने आए हैं।चिंता की बात है कि कोरोना वायरस से अब तक 62 मरीजों ने दम तोड़ दिया है। प्रदेशवासियों को अलर्ट रहने की जरूरत है क्यों कि प्रदेशभर में अब भी 2176 एक्टिव केस हैं। इसी के चलते सचिवालय में मीडिया से वार्ता में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि, दोनों जगह सामने आए कोरोना संक्रमण में भिन्नता नजर आई है। हरिद्वार में औद्योगिक क्षेत्र और नैनीताल में दो खास इलाकों में ही संक्रमण के ज्यादा मामले आए हैं।ऐसा लगता है कि, किसी सुपर स्प्रेडर मरीज (एक ही व्यक्ति से बहुत सारे लोगों के संक्रमित होने की स्थिति) के जरिए यहां संक्रमण फैला हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस पर नजर रखे हुए है। उन्होंने लोगों से भी सतर्क रहने को कहा।

