लखनऊ। Mayawati Hindi Latest News| बहुजन समाज पार्टी की रैलियां अपनी भीड़ के लिए जानी जातीं हैं। इन रैलियों में कार्यकर्ताओं की कई तस्वीरें आतीं हैं, जो लोगों के जहन में बस जातीं हैं। एक ऐसी ही तस्वीर हर रैली में दिखाई देती है, जिसकी चर्चाएं खूब होतीं हैं। सिर पर एक बड़ी होर्डिंग लगाए एक युवा की तस्वीर। जिस होर्डिंग पर लिखा होता है नेक्स्ट सीएम-पीएम बहनजी। हापुड़ के रहने वाले इस युवा की कहानी भावुकता से भरी हुई है। इसका एक लंबा सफर है, जिसमें भावनाओं का ज्वार भाटा है।

यशपाल गौतम ने शुरू की परंपरा
सहारनपुर मंडल के हापुड़ जिले के रहने वाले मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले युवक यशपाल गौतम ने इस परंपरा की शुरूआत की थी। पिछले साल कोविड की लहर में यशपाल गौतम की मौत हो गई थी। जिसके बाद उनके भाई सतीश गौतम ने यह जिम्मेदारी उठाई। यशपाल गौतम कई अपने इंटरव्यू में कहते हैं कि उनका जुनून है और मायावती और बसपा गर्व है। यह गर्व उन्हें बसपा के मिशन से प्राप्त हुआ है। यही कारण है कि बसपा के लिए वह अपना सर्वस्व न्यौछावर कर सकते हैं। मजदूरी-दुकान कर अपने घर का पालन करने वाले यशपाल गौतम मायावती की हर रैली में अपने चिर-परिचित अंदाज में पहुंचते थे। लोग उनके साथ सेल्फी लेने लगे थे। लोगों की उत्सुकता बढ़ने लगी थी। लेकिन, कोविड के कहर में उनकी असामयिक मौत हो गई। जिसके बाद उनके छोटे भाई सतीश गौतम ने उनकी परंपरा को टूटने नहीं दिया और रैलियों में उसी अंदाज में पहुंचने लगे।
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यशपाल की बेटी को लगता है पापा बहनजी की रैली में गए हैं, एक दिन आएंगे
सतीश गौतम बताते हैं कि यशपाल गौतम की छोटी बेटियां हैं। उनके सवालों का जवाब देना मुश्किल हो जाता है। वो बताते हैं कि मेहनत मजदूरी करके परिवार का पेट पाल रहे हैं। यशपाल के बच्चे कैसे हैं कि सवाल पर वो भावुकता से भर जाते हैं। वह कहते हैं कि यशपाल भैया की छोटी बेटी मुझसे पूछती है कि चाचा मेरे पापा कहां गये हैं? तो हमने कहा कि वो बहनजी की रैली में गये हैं, जब रैली समाप्त हो जाएगी तो वो आएंगे। बिटिया को लगता है कि बहनजी रोज रैली करतीं हैं। टीवी पर वो उनको खोजने का प्रयास करती है। सतीश गौतम बताते हैं कि वो पूछती है कि चाचा अब तो आप भी बहनजी की रैली में जाते हैं, मुझे लेकर चलिए, मुझको पापा से मिला दीजिए। सतीश गौतम कहते हैं कि बिटिया के सवालों का जवाब देना बेहद कठिन होता है। उस मासूम को कैसे बतायें कि अब उसके पापा कभी नहीं आएंगे।
बसपा के लोगों ने मदद नहीं, ये गलत आरोप है
यशपाल गौतम की मौत के बाद बसपा के लोगों ने मदद नहीं की के सवाल पर सतीश गौतम दो टूक अंदाज में कहते हैं कि ये आरोप निराधार हैं। बसपा का हर बड़ा नेता उनके दरवाजे पर गया था जब उनके भाई की मौत हुई थी। शमसुद्दीन राईन तो कई बार जा चुके हैं। सतीश गौतम कहते हैं कि बसपा को बदनाम करने के लिए यह आरोप विपक्ष के लोग लगाते हैं।

बसपा दल नहीं मिशन है
सतीश गौतम बसपा के समर्थन के सवाल पर कहते हैं कि यह लोगों के लिए राजनीतिक दल होगा, हमारे लिए तो मिशन है। बहनजी हमारा गौरव हैं। दुनिया कुछ भी कहे, हम बसपा से कभी अलग नहीं होंगे। वह कहते हैं कि इसी मिशन में उनके भाई आजीवन लगे रहे और अब वो भी लग चुके हैं। बसपा के लिए वो हर जगह जाएंगे।
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बसपा की ही बनेगी सरकार
सतीश गौतम दावा करते हैं कि बसपा की सरकार बनना तय है। हमने प्रत्याशी से लेकर हर रणनीति में दूसरे दलों को पीछे छोड़ा है। सतीश गौतम कहते हैं कि बसपा की पूर्ण बहुमत से सरकार बनेगी और मायावती पांचवी बार सीएम बनेंगी।

