गुवाहाटी। आज शनिवार को असम की राजधानी गुवाहाटी में देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर घाटी में अफस्पा हटाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। जिसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम यानी अफस्पा को केंद्र जल्ह हटाने के लिए तैयार है। असम की राजधानी गुवाहाटी में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह 1971 युद्ध में शामिल हुए सैनिकों के अभिनंदन समारोह में शमिल हुए।
इस दौरान रक्षामंत्री ने यह बात कही। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब वे कश्मीर से अफस्पा को हटाने पर बात कर रहे हों। उन्होंने 2015 में गृहमंत्री के रूप में जम्मू-कश्मीर की यात्रा के दौरान भी यह बात कही थी। राजनाथ सिंह ने कहा था कि सशस्त्र बल अधिनियम को स्थिति के अनुकूल होने पर घाटी से हटाया जाएगा।
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आज गुवाहाटी में रक्षामंत्री ने कहा कि कुछ लोगों का मानना हैं कि भारतीय सेना नहीं चाहती कि घाटी से अफस्पा हटे। लेकिन वे आज वे कहते हैं कि आंतरिक सुरक्षा मामलों में सेना की भूमिका न्यूनतम होती है। उन्होंने कहा कि सेना चाहती है कि जल्द ही जम्मू-कश्मीर में सामान्य हालात हो और वहां से अफस्पा पूरी तरह से हट जाए।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्वोत्तर राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि इन राज्यों से भी अफस्पा हटा दी गई। जहां पर अफस्पा है वहां पर तीन-चार सालों में इसको हटाने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के इलाक़ों से अफस्पा को हटाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि जब यहां से अफस्पा हटाई गई तो नई पहल उन इलाके में हुई।
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रक्षामंत्री ने कहा कि असम के 23 जिलों से अफस्पा पूरी तरह हटा लिया गया। वहीं मणिपुर और नागालैंड के 15-15 पुलिस थानों से भी अफस्पा हटाया गया। रक्षामंत्री ने कहा कि यह बहुत मायने रखता है। जहां से अफस्पा हटाया गया वहां पर अब पूरी तरह से शांति और स्थिरता का माहौल है। इससे ‘पूर्वोत्तर राज्यों में शांति और विकास का नया दौर शुरू हुआ हें।

