लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिकों के हितों की रक्षा करते हुए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भारतीय मजदूर संघ देश का ऐसा मजदूर संगठन है जिसके लिए राष्ट्र सर्वाेपरि है। इस संगठन ने सदैव राष्ट्र, समाज, उद्योग और श्रमिकों के हित के बारे में अपनी मांग को नयी ऊंचाइयों तक पहुँचाया है। भारतीय मजदूर संघ लगातार श्रमिकों के मन एक नया विश्वास पैदा करने में सफल रहा है। आज यह देश का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में तथा भारतीय मजदूर संघ के सहयोग से उत्तर प्रदेश ने एक नयी ऊर्जा के साथ कार्य किया है।
मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर भारतीय मजदूर संघ, उ0प्र0 के 35वें त्रैवार्षिक अधिवेशन के उद्घाटन सत्र को वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्री दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी ने भारत के मजदूरों और किसानों को ससम्मान जीवन-यापन करने का अवसर प्रदान कराया। उन्होंने भारतीय मजदूर संघ की स्थापना की। साथ ही, उन्होंने किसानों को संगठित कर उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए भारतीय किसान संघ की स्थापना भी की थी। भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने सदैव सकारात्मक सोच रखी है, जिसका परिणाम है कि भारत कोरोना कालखण्ड मंे भी सभी चुनौतियों से जूझते हुए एक नयी दिशा की ओर अग्रसर हुआ। प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकार करने में भारतीय मजदूर संघ से जुड़े श्रमिकों के परिश्रम व पुरुषार्थ का योगदान उल्लेखनीय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नयी लैब बनाना, बाॅयो सेफ्टी व बाॅयो वेस्ट के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का काम श्रमिकों के परिश्रम के बिना सम्भव नहीं हो पाता। श्रमिकों ने स्वयं के जीवन को दांव पर रखकर प्रदेश की 25 करोड़ आबादी को बचाने का कार्य किया है। जब प्रदेश में कोरोना का पहला मामला आया था, तब हमारे यहां जांच की सुविधा नहीं थी। श्रमिक बन्धुओं की मेहनत का परिणाम है कि राज्य में नयी प्रयोगशालाएं स्थापित हुईं। आज प्रदेश में साढ़े तीन लाख से चार लाख कोरोना टेस्ट प्रतिदिन किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण व उत्थान हेतु विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर उन्हें लाभान्वित कर रही है। आंशिक कोरोना कफ्र्यू के दौरान प्रदेश सरकार ने सभी उद्योग-धंधों को कोरोना प्रोटोकाॅल को अपनाते हुए इन्हें संचालित करने का कार्य किया। गत वर्ष 54 लाख श्रमिकों/कामगारों को राज्य सरकार ने राशन व भरण-पोषण भत्ता उपलब्ध कराया है। श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश कामगार और श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) आयोग का गठन किया गया, जो श्रमिकों के हितों को संरक्षित करने और उन्हें रोजगार प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रहा है। भारतीय मजदूर संघ ने इस आयोग के माध्यम से श्रमिक हित से जुड़े महत्वपूर्ण एवं उपयोगी सुझाव दिए। दुर्भाग्यवश किसी श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु अथवा दिव्यांगता हो जाने पर 02 लाख रुपए के सुरक्षा बीमा कवर तथा 05 लाख रुपए तक के स्वास्थ्य बीमा कवर की व्यवस्था की गयी है।

