मेरठ। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार मुख्यमंत्री की शपथ लेने व कैबिनेट गठन के तत्काल बाद कैबिनेट की बैठक कर 3 माह के लिए प्रदेश के गरीबों को निःशुल्क राशन वितरण की सीमा बढ़ाते हुए 30 जून 2022 तक कर दिया है। सरकार की यह योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हुई है। प्रदेश के पात्र लोगों को डबल राशन का उपहार दिया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा सभी अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थ कार्ड धारकों को प्रति यूनिट प्रतिमाह पांच किलोग्राम गेहूं तथा उप्र सरकार द्वारा सभी पात्र गृहस्थ कार्ड धारकों को मुफ्त पांच किलोग्राम गेहूं/चावल प्रति यूनिट प्रतिमाह तथा अन्त्योदय कार्ड धारकों को मुफ्त 35 किलो गेहूं/चावल के साथ एक किलोग्राम चीनी भी प्रतिमाह दी जा रही है। इसी के साथ ही सभी कार्ड धारकों को मुफ्त 01 किलोग्राम दाल, 01 ली0 खाद्य तेल एवं 01 किलोग्राम नमक का वितरण किया जा रहा है।
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प्रदेश सरकार के एन0एफ0एस0ए0 के नियमित निःशुल्क खाद्यान्न के अतिरिक्त भारत सरकार के निर्देशानुपालन में समस्त अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत प्रति व्यक्ति 05 किग्रा0 खाद्यान्न (03 किग्रा0 गेहू व 02 किग्रा0 चावल) का भी प्रति माह निःशुल्क वितरण माह मार्च, 2022 तक कराया गया था। मई, 2021 से फरवरी, 2022 तक 47.91 लाख मी0टन गेहूं तथा 22.56 लाख मी0टन चावल, इस प्रकार कुल 70.47 लाख मी0टन खाद्यान्न का वितरण किया गया। मार्च 2022 में खाद्यान्न वितरित हुआ है। प्रदेश सरकार अप्रैल, 2022 में तीन चरणों में निःशुल्क राशन वितरण करा रही है। पहले चरण में 02 अप्रैल से 10 अप्रैल तक, दूसरे चरण में 12 से 20 अप्रैल तक एवं तीसरे चरण में 22 अप्रैल से राशन वितरण किया जा रहा है।
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आत्मनिर्भर भारत योजना के अन्तर्गत निःशुल्क खाद्यान्न वितरण योजना के अन्तर्गत प्रवासीध्अवरूद्ध मजदूरों को अस्थायी राशन कार्ड संख्या जेनरेट करते हुए, माह मई, 2020 से अगस्त, 2020 तक प्रति यूनिट 05 किग्रा0 की दर से 11888.657 मी0टन निःशुल्क खाद्यान्न व प्रति कार्ड 01 किग्रा0 की दर से 1060.497 मी0टन निःशुल्क चना का वितरण कराया गया है। दिव्यांगजन को राशनकार्ड उपलब्ध कराये जाने के लिए दिव्यांगजन को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अन्तर्गत आच्छादित किये जाने हेतु समय-समय पर विशेष अभियान चलाया जाता है, जिसके अन्तर्गत 18,50,363 दिव्यांगजन को एन0एफ0एस0ए0 के अन्तर्गत आच्छादित किया गया है।
जब कोरोना वायरस के फैलने से पूरा देश लॉकडाउन हो गया। विश्वव्यापी यह महामारी ऐसे समय फैली की आम व्यक्ति इसके लिए तैयार नहीं था। लोगों का जीवन सामान्य गति से चल रहा था। हमारे देश में बड़ी संख्या में गरीब, कमजोर, मजदूर लोग व विभिन्न स्वउद्यम छोटे-छोटे दुकान, व्यवसाय, रिक्सा चालक, आटो चालक आदि मजदूरी करके दैनिक आमदनी से अपनी आजीविका चलाते हैं।

