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एशिया कप: मेज़बान श्रीलंका ने दिखाया दम, पहुंचे सुपर 4 में

एशिया कप के ग्रुप ऑफ़ डेथ में उम्मीद के मुताबिक मेज़बान श्रीलंका और बांग्लादेश का मैच काफी रोमांचक रहा. सर्वाइवल की लड़ाई वाले इस मैच में जीत श्रीलंका को हासिल हुई. वैसे भी मेज़बान देश का पहले ही राउंड में बाहर हो जाना टूर्नामेंट के लिहाज़ से अच्छा नहीं माना जाता, हालाँकि अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ श्रीलंका ने जो प्रदर्शन दिखाया था इस प्रदर्शन ने सबको अचंभित ज़रूर कर दिया। बांग्लादेश ने जब पहले खेलते हुए सात विकेट खोकर 183 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया तो स्टेडियम में बैठे भारी संख्या में बैठे दर्शक तो यही मान बैठे कि मेज़बान देश लीग राउंड में ही बाहर हो गया लेकिन श्रीलंका के इरादे आज कुछ और ही थे.

बांग्लादेश के कप्तान साकिब की गलतियों का श्रीलंका के बल्लेबाज़ों ने खूब फायदा उठाया और चार गेंदे शेष रहते मैच को जीतकर सुपर 4 में पहुँचने वाली तीसरी टीम बन गयी वहीँ बांग्लादेश को बोरिया बिस्तर बांधना पड़ा. बांग्लादेश ने टॉप आर्डर में बदलाव किया और मेहदी हसन मिराज को पारी शुरू करने भेजा, हालाँकि  शब्बीर सस्ते में आउट गए मगर कप्तान साकिब और मिराज ने स्कोर को तेज़ी से आगे बढ़ाया, विशेषकर मिराज आज काफी आक्रमक मूड में नज़र आये और 26 गेंदों पर तेज़तर्रार 38 रनों की पारी खेली. मुश्फ़िक़ुर्रहमान एकबार फिर नाकाम रहे मगर उपकप्तान अफीफ हुसैन ने अपनी बल्लेबाज़ी से रंग जमा दिया। इस बीच साकिब 24 रन बनाकर आउट हो गए मगर आफीफ और महमूदुल्लाह ने रन रेट को बरकरार रखते हुए स्कोर को आगे बढ़ाना जारी रखा. अफीफ ने मात्र 22 गेंदों में सर्वाधिक 39 रनों की पारी खेली वहीँ महमूदुल्लाह 22 गेंदों पर 27 रन बनाकर आउट हुए. आखिर में मुसद्दक हुसैन ने ताबड़तोड़ 9 गेंदों में 26 रन बनाकर एक विशाल स्कोर बनाने में काफी मदद की. श्रीलंका के लिए वनिंदु हसरंगा और चमिका करुणारत्ना ने दो दो विकेट हासिल किये. 

जीत के लिए मिले 184 रनों के लक्ष्य को श्रीलंका ने एक नोबाल से हासिल कर लिया, यानि जीत का रन बल्लेबाज़ ने बनाया नहीं बल्कि गेंदबाज़ ने दिया. श्रीलंका के ओपनर आज एक नए मूड के साथ मैदान में उतरे, दोनों के बीच 45 रनों की धुंआधार साझेदारी हुई, हालाँकि बीच में पारी लड़खड़ाई, मध्यक्रम के नाकाम होने के बाद कप्तान दनुष्का और पुछल्ले बल्लेबाज़ों की हिम्मत ने मैच को बांग्लादेश से छीन लिया। कुशल मेंडिल ने 60 रनों की ज़बरदस्त पारी खेली जो मात्र 37 गेंदों में आये, इसमें तीन छक्के और चार चौकों का मिश्रण रहा. वहीँ विपरीत हालात में दनुष्का ने धैर्य कायम रखा और निचले क्रम के साथ स्कोर को जीत के काफी क़रीब ले जाकर आउट हो गए. दनुष्का ने 33 गेंदों पर 45 रन बनाये,निचले  क्रम में चमिका करुणारत्ना के 16 रन काफी बहुमूल्य साबित हुए वहीँ असिथा फ़र्नांडो के 3 गेंदों पर बनाये गए 10 रन मैच जिताऊ साबित हुए. बांग्लादेश के कप्तान साकिब की खराब कप्तानी इस मैच में भी नज़र आयी, जब उन्हें अपने तेज़ गेंदबाज़ों की सबसे ज़्यादा ज़रुरत थी उनके पास उसके ऑफ स्पिनर ही बचे थे. इसी तरह पहले मैच में उन्होंने अपने स्पिनर्स का बहुत गलत इस्तेमाल किया था. शुक्रवार को पाकिस्तान का मुकाबला हांगकांग से है, पाकिस्तान जीता तो 4 सितम्बर को भारत-पाक के बीच एक और मुकाबला देखने को मिलेगा। जीत तो दोनों ही टीमों के लिए ज़रूरी है, सुपर 4 में जाने के लिए दबाव पाकिस्तान पर होगा और हो सकता है कि पाकिस्तान की टीम में कोई बड़ा बदलाव देखने को न मिले। हांगकांग के लिए यह एक और मौका है अपना प्रभाव छोड़ने के लिए. भारत के खिलाफ उन्होंने काफी प्रभावित किया था, देखना होगा कि पाकिस्तान के खिलाफ उनका प्रदर्शन कैसा होगा, वैसे हांगकांग की टीम में कई खिलाड़ी पाकिस्तानी मूल के हैं जिनमें बाबर हयात भी हैं, जो पाकिस्तान में कराची की तरफ से यूनुस खान की कप्तानी में डोमेस्टिक क्रिकेट खेल चुके हैं. बाबर हयात के सामने इस बार बाबर आज़म हैं, मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है

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