नई दिल्ली। एक समय इंडियन टीम की तेज गेंदबाजी में सबसे चर्चित चेहरा रहे श्रीसंत लंबे समय बाद क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं. श्रीसंत का आजीवन प्रतिबंध कुछ समय पहले ही खत्म हो गया था और अब केरल क्रिकेट एसोसिएशन (केसीए) श्रीसंत को राज्य की रणजी ट्रॉफी टीम में जगह देने को तैयार है. इसके लिए उन्हें अपनी फिटनेस साबित करनी होगी. सितंबर के महीने में श्रीसंत का प्रतिबंध खत्म हो गया था.
गौरतलब है कि 2013 के आईपीएल सीजन में श्रीसंत पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे थे. जिसके बाद बीसीसीआई ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था. साल 2015 में स्पेशल कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था. वहीं, साल 2018 में केरल हाईकोर्ट ने भी बीसीसीआई द्वारा श्रीसंत पर लगाए गए आजीवन प्रतिबंध को रद कर दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने साल 2019 में श्रीसंत पर प्रतिबंध को बरकरार रखते हुए बीसीसीआई से प्रतिबंध की सजा कम करने को कहा था. इसके बाद बीसीसीआई ने उनके आजीवन प्रतिबंध को सात साल में तब्दील कर दिया था.
साबित करनी होगी फिटनेस
अब जब प्रतिबंध की अवधि खत्म हो गई है तो केरल ने उन्हें रणजी टीम में शामिल कर लिया, लेकिन यह भी साफ कर दिया कि उनका खेलना या न खेलना पूरी तरह उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगा. फिटनेस श्रीसंत के लिए बड़ी प्रॉब्लम हो सकती है, क्योंकि श्रीसंत ने अपने शरीर को किसी बॉडी बिल्डर जैसा बना लिया है.
शानदार रहा प्रदर्शन
केसीए के सचिव ने कहा कि श्रीसंत टीम के लिए एसेट साबित होंगे. श्रीसंत ने 27 टेस्ट में 87 और वनडे में 75 विकेट लिए हैं. लेकिन अब जब टीम में उन्हें जगह मिल गई है, तो कई सवाल श्रीसंत का पीछा करते रहेंगे. 37 साल के श्रीसंत क्या फिर से अपने पुराने प्रदर्शन को दोहरा पाएंगे, ये बड़ा सवाल होगा.
धोनी को अश्विन पर रहता है भरोसा
इंडियन टीम के ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने आईपीएल के शुरुआती वर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि उन दिनों वह महेंद्र सिंह धोनी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना चाहते थे. उन्होंने कहा कि धोनी हमेशा से उन्हें असाधारण रूप से कुशल गेंदबाज मानते हैं. आईपीएल की सबसे सफल टीमों में से एक चेन्नई सुपर किंग्स के साथ अश्विन को 2008 में अनुबंध मिला था उन्होंने कहा, आईपीएल और चेन्नई सुपर किंग्स एक ऐसा मंच है, जिसे सभी हासिल करना चाहते हैं. मेरे लिए यह पहचान बनाने का जरिया था. धोनी को नहीं पता था कि अश्विन कौन है, (मैथ्यू) हेडन और (मुथैया) मुरलीधरन को नहीं पता था कि अश्विन कौन है. पहली चीज जो मेरे दिमाग में आई वह यह थी कि मैं इन लोगों को दिखाऊंगा कि अश्विन यहां है.
सीए के बॉस की दौड़ में स्ट्रास
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रास क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पद की दौड़ में शामिल हो गए हैं. हाल में केविन राबट्र्स के त्यागपत्र के बाद यह पद खाली पड़ा हुआ है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद से ही वित्तीय संकट से जूझ रहा है. इससे निबटने के लिये राबट्र्स ने अप्रैल में 80 परसेंट स्टाफ कम कर दिया था. उन्होंने प्रांतों की अनुदान राशि में कमी कर दी थी और वह खिलाडिय़ों के साथ नए भुगतान करार पर काम कर रहे थे. राबट्र्स के कुछ फैसलों की कड़ी आलोचना भी हुई.

