भारत और श्रीलंका की टीम 13 जुलाई से सीमित ओवरों की सीरीज में भिड़ेंगी। दोनों टीमें पहले तीन वनडे और फिर तीन टी20 मैच खेलेंगी। बीसीसीआई ने शिखर धवन की अगुवाई में कम अनुभवी टीम को श्रीलंका भेजा है, जिसमें छह खिलाड़ियों ने तो अंतरराष्ट्रीय मैच भी नहीं खेला है। बता दें कि भारत की एक अन्य इंग्लैंड दौर पर है। कोहली की कप्तानी में यह टीम इंग्लैंड में टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलने गई थी और अब 4 अगस्ट से टेस्ट सीरीज खेलेगी।
हाल ही में श्रीलंका के पूर्व विश्व कप विजेता कप्तान अर्जुन रणतुंगा ने श्रीलंका गई टीम इंडिया को ‘दूसरे दर्जे की टीम’ बताया था। उन्होंने दूसरे दर्जे की भारतीय टीम के साथ सीरीज खेलने को लेकर श्रीलंका बोर्ड की भी आलोचना की थी। रणतुंगा ने कहा था, ‘यह दूसरी श्रेणी की भारतीय टीम है और उनका यहां आना हमारी क्रिकेट का अपमान है। मैं टेलीविजन मार्केटिंग की जरूरतों को पूरा करने के लिए उनके साथ खेलने पर सहमत होने के लिए वर्तमान प्रशासन को दोषी मानता हूं।’
अर्जुन रणतुंगा के कमेंट पर अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने करारा जवाब दिया। आकाश ने रणतुंगा के दावों को खारिज कर दिया और श्रीलंकाई टीम की खस्ता हालत की याद दिला दी। अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘बिल्कुल सही बात है कि यह मुख्य टीम नहीं है, क्योंकि इसमें बुमराह, शमी, विराट कोहली, रोहित शर्मा और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ी नहीं हैं। लेकिन क्या यह वाकई बी-ग्रेड टीम की तरह है? नहीं ऐसा नहीं है।’
उन्होंने आगे कहा कि श्रीलंकाई टीम को अपने अंदर भी झांकना होगा। ईमानदारी से कहूं तो अफगानिस्तान को विश्व टी20 क्वालीफायर नहीं खेलना है, लेकिन श्रीलंका को ऐसा करना होगा। यह वास्तविकता है। सच्चाई यह है कि श्रीलंकाई क्रिकेट इस समय वाकई में संघर्ष कर रहा है। चाहे आप अभी इंग्लैंड के नंबरों को ही देख लें। संभावना है कि वे टी20 विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए। क्या पता आप सुपर 12 में नहीं पहुंच पाएं। यह रियलिटी है जबकि अफगानिस्तान पहले से ही वहां है।

