लखनऊ। आज से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से पहले ही राजधानी में सपाइयों ने बवाल शुरू कर दिया है। सत्र के शुरू होने से पहले ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपनी पाटÊ विधायकों व कार्यकर्ताओं के साथ सपा कार्यालय से विधानभवन की तरफ पैदल मार्च करते हुए निकले। लेकिन पुलिस प्रशासन ने सपा के इस पैदल मार्च का रूट परिवर्तन कर दिया। जिसके बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सपाइयों ने नाराजगी जताई। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना था कि अगर रोकना था तो कल इसकी अनुमति क्यों दी गई थी। प्रशासन का कहना है कि जीपीओ के बजाय वीवीआइपी गेस्ट हाउस और एनेक्सी से होते हुए ही विधानसभा जाएं। इस पर अखिलेश यादव व सपा विधायक सड़क पर धरने पर बैठ गए। विधायक व कार्यकर्ताओं ने हाथों में नारे की तख्ती ले रखी है।
सपा ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ बढ़ती महंगाई, किसानों की समस्याओं और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विरोध में इस पदयात्रा का आयोजन किया है। पदयात्रा को लेकर विक्रमादित्य मार्ग को छावनी बना दिया है। वीवीआईपी चैराहा से लेकर सपा कार्यालय तक बैरिकेडिंग कर भारी संख्या में फोर्स लगाई है। इस रास्ते पर आम लोगों का आवागमन भी पूरी तरह से बंद कर दिया है।
पदयात्रा के लिए अखिलेश यादव करीब पौने 10 बजे सपा कार्यालय पहुंचे। पाटÊ के अन्य विधायक भी पहले से कार्यालय पहुंचे गए थे। यहां से सभी विधायक व कार्यकर्ता अपने अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में विधानभवन के लिए पैदल निकले। यूपी विधानसभा का मानसून सत्र आज सोमवार से शुरू हो रहा है। 23 सितंबर तक चलने वाले 18वीं विधानसभा के दूसरे सत्र को शांतिपूर्ण तरीके से चलाने के लिए ही विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। इसमें महाना ने सभी दलों से सदन को सुचारु रुप से चलाने में मदद का अनुरोध किया था। लेकिन विपक्ष ने महंगाई व कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार घेरने का एलान कर दिया था। मुख्य विपक्षी सपा के मुख्य सचेतक मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर यूपी सरकार फेल है। प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं। खास तौर पर महिलाओं पर अपराध का ग्राफ अधिक बढ़ा है।

