- अकाली दल ने कहा झूठे दावे करते हैं सीएम चन्नी
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री सीएम चन्नी ने प्रेस काॅन्फ्रेंस कर अपनी सरकार के 50 फैसलों का रिपोर्ट कार्ड जारी किया था। सीएम ने खुद को ऐलानजीत नहीं बल्कि विश्वासजीत बतलाया था। उन्होंने कहा है यह चन्नी की चंगी सरकार है। सीएम के इस दावे को लेकर अकाली दल ने उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। अकाली दल का कहना है कि सीएम का नाम ऐलानजीत या विश्वासजीत की जगह विश्वासघातजीत हो जायेगा।
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चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत सीमा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि साढ़े 4 साल का हिसाब ना देने वाले सीएम चन्नी सस्ती बिजली पर भी झूठ बोल रहे हैं। अखबारों में दिए गए सीएम चन्नी के विज्ञापन पर भी 20 सितंबर को शपथ लेने के दिन से 2 दिसंबर 2021 तक की तारीख डाली गई है। लेकिन कांग्रेस के 2017 से 2022 का मेनिफेस्टो का जिक्र करना ऐलानजीत उर्फ विश्वासजीत चन्नी भूल गए हैं। दलजीत चीमा ने कहा कि सीएम के दावों पर सवाल दागते हुए कहा कि यदि 2 किलोवाट तक के बिजली के बिल माफ किए गए हैं तो इसके बदले सरकारी खजाने से पावरकाॅम को की गई 1500 करोड़ की अदायगी की एंट्री दिखाई जाये। सस्ती बिजली बिल जनवरी 2020 में ही आने की बात क्यों कही है। सीएम की कुर्सी संभालते ही चन्नी ने बिजली के रेट क्यों नहीं घटाए।
चीमा ने कहा कि जब रामायण, महाभारत और श्रीमद्भागवत गीता के लिए रिसर्च सेंटर बनाने के लिए जगह ही खोजी जा रही है तो यह उपलब्धि कैसे हो गयी। रेत का रेट 5.50 रुपया क्यूबिक तय किये जाने के बाद भी बाजार में रेत 28 रुपया फुट बिक रही है। केबल का रेट 100 रुपया करने के ऐलान पर चीमा ने कहा कि केबल का न्यूनतम रेट टीआरआई ने न्यूनतम 135 रुपये तय किया था। इसको कम करना सरकार के अधिकार में है ही नहीं तो सीएम यह दावा क्यों कर रहे हैं।
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‘घर-घर अंदर चल्ली गल्ल, सिद्धू नहीं मनदा चन्नी दी गल’ कहकर चीमा ने मुख्यमंत्री चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच चल रही खींचतान पर तंज कसा। चीमा ने कहा कि पंजाब में अवैध शराब पहले ढाबों पर बिकती थी अब पुलिस थानों में बेची जा रही है। मुख्यमंत्री चन्नी और गृहमंत्री रंधावा को शराब बिक्री करने वाले थानों की लिस्ट जारी कर लोगों को सुविधा देनी चाहिए।

