वाराणसी। पिछले दिनों पोस्टर चस्पा कर पीएम मोदी की टीकाकरण नीति पर सवाल खड़े करने का मामला अभी ठीक से शांत भी नहीं हुआ है कि, पीएम के खिलाफ स्लोगन लिखने के ताजा मामले से हड़कंप मच गया है। घटना कही और की नहीं बल्कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से है। यहां के सिगरा थाना क्षेत्र में दीवारों पर मोदी और योगी के खिलाफ स्लोगन लिखे गए है। दीवारों पर स्लोगन लिखने के संदिग्ध सिगरा पुलिस ने पांच युवकों को दबोच लिया है। सिगरा पुलिस थाने के आसपास मोहल्ले और कॉलोनियों में दीवारों पर लिखे गए स्लोगन्स को पुलिसकर्मियों की ओर से मिटा दिया गया है।
गौर हो कि, एलआइयू की नजरों से बचते हुए कुछ युवकों ने इस कारनामे को अंजाम दे दिया। इस मसले पर पुलिस कमिश्नरेट में छानबीन, सरगर्मी बढ़ी हुई है।
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पुलिस हिरासत युवकों को लेकर पूछताछ कर जानकारी ले रही है कि किसके इशारे पर दीवारों पर स्लोगन लिखे गए। ये लोग आखिर किस संगठन से हैं। इसे लेकर भी पुलिस छानबीन कर रही है। सिगरा पुलिस थाना इंस्पेक्टर अनूप शुक्ला के मुताबिक, दबोचे गए सभी छात्र बिहार के रहने वाले हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है।
स्लोगन से पहले पोस्टरबाजी वाली हुई थी घटना
उधर दिल्ली में पोस्टरबाजी के एक पुराने प्रकरण में पीएम नरेंद्र मोदी की टीकाकरण नीति पर सवाल उठाते हुए पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ दर्ज मुकदमा रद्द करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इंकार किया है। कोर्ट के नजरिये को देखते हुए याचिकाकर्ता वकील प्रदीप यादव ने अर्जी वापस ले ली। मालूम हो कि, बीते दिनों पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ पोस्टर लगाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। दिल्ली पुलिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। एक याचिका में कोविड को लेकर पीएम मोदी पर पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ एफआईआर रद्द करने की मांग की गई थी। याचिका के मुताबिक, इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एक ही दिन में चौबीस मुकदमे दर्ज कर निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किया है।
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