नई दिल्ली: हाथरस गैंग रेप और हत्या मामले पर हिंसा भड़काने की साज़िश के आरोप में गिरफ्तार पत्रकार सिद्दीक कप्पन को सुप्रीम कोर्ट ने पांच दिन की अंतरिम जमानत दे दी है। यह ज़मानत उन्हें गंभीर रूप से बीमार माँ को देखने जाने के लिए दी है। 5 अक्टूबर को मथुरा में गिरफ्तार हुए सिद्दीक की जमानत का यूपी सरकार ने विरोध किया। मगर कोर्ट ने कहा कि आरोपी 5 वें दिन लौट आएगा। वहां पुलिस की निगरानी में केवल अपने घर पर रहेगा। मीडिया से कोई बात नहीं करेगा।
मीडिया से बातचीत पर पाबन्दी
मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने हालांकि कहा कि अपनी यात्रा के दौरान वह सोशल मीडिया सहित मीडिया को कोई साक्षात्कार नहीं देंगे। पीठ में जस्टिस ए एस बोपन्ना और वी रामसुब्रमण्यन भी शामिल हैं, उन्होंने कहा कि सिद्दीकी अपने रिश्तेदारों और डॉक्टरों को छोड़कर अन्य लोगों से नहीं मिलेंगे। इसमें कहा गया है कि सिद्दीकी को उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों की एक टीम द्वारा ले जाया जाएगा और केरल की पुलिस उनका सहयोग करेगी।
हाथरस रिपोर्टिंग के लिए जाते हुए थे गिरफ्तार
कप्पन को 5 अक्टूबर, 2020 को गिरफ्तार किया गया था, जब वह हाथरस के रास्ते पर थे। बता दें कि हाथरस में बहुचर्चित रेप कांड के बाद काफी काफी बवाल मचा था। उत्तर प्रदेश पुलिस ने मथुरा से पीएफआई और उसके सहयोगी संगठन सीएफआई के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। जिनमें एक पत्रकार सिद्दीक कप्पन भी शामिल था। पुलिस ने कहा था कि उसने मथुरा में पीएफआई के साथ कथित संबंध रखने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया है और गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मलप्पुरम के सिद्दीकी, मुजफ्फरनगर के अतीक-उर रहमान, बहराइच के मसूद अहमद और रामपुर के आलिया से की।

