नोएडा का तथाकथित गालीबाज भाजपा नेता श्रीकांत त्यागी आखिरकार मेरठ के कंकरखेड़ा की श्रद्धापुरी इलाके में गिरफ्तार किया गया, उसके साथ उसकी मदद करने वाले तीन और लोग भी गिरफ्तार हुए, यह तीनों त्यागी की फरारी के दौरान लगातार उसकी मदद कर रहे थे. त्यागी पर पुलिस ने इनाम भी रखा था और नोएडा पुलिस व STF की कई टीमें यूपी और उत्तराखंड में लगातार उसकीतलाष में दबिश डाल रही थीं. पुलिस के मुताबिक खुद को भाजपा का नेता बताने वाला श्रीकांत त्यागी नॉएडा से फरार होने के बाद अपनी पत्नी से लगातार संपर्क में था, पुलिस को त्यागी के ठिकाने का पता पत्नी से बातचीत से ही लगा और उसने मेरठ से आरोपी त्यागी को धर दबोचा.
जानकारी के अनुसार पुलिस को जैसे श्रीकांत त्यागी की लोकेशन कन्फर्म हुई वैसे नोएडा और स्थानीय पुलिस के साथ STF की संयुक्त टीम ने मगलवार सुबह मेरठ के कंकरखेड़ा की श्रद्धापुरी से उसे धार दबोचा। इससे पहले उत्तराखंड के हरिद्वार और ऋषिकेश में भी श्रीकांत त्यागी की लोकेशन ट्रेस हुई थी लेकिन पुलिस के पहुँचने से पहले ही वह वहां से निकल गया. पुलिस के मुताबिक त्यागी कई फोन नम्बरों का इस्तेमाल कर रहा था, पत्नी के अलावा वो अपने वकील के भी संपर्क में था.
जानकारी के मुताबिक मेरठ में वह अपने किसी करीबी के घर रुका हुआ था और कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी कर रहा था. इस बीच पुलिस को आंबेडकर नगर में भाजपा का झंडा लगी और यूपी विधानसभा का स्टीकर लगी एक कार मिली थी, बताया जा रहा है कि श्रीकांत त्यागी इसी कार से नोएडा से फरार हुआ था. यह लक्ज़री कार जितेंद्र यादव के नाम पर है जो नोएडा की एक कंपनी जेआरडी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड का मालिक है.
दरअसल हाल ही में एक वायरल वीडियो में श्रीकांत त्यागी को नोएडा के सेक्टर 93 की ग्रैंड ओमैक्स में एक महिला के साथ गाली गलौज करते हुए देखा गया था, उसने महिला पर हाथ भी उठाया था. मामला सोसाइटी के कंपाउंड में अवैध कब्ज़े को लेकर था जिसपर महिला ने एतराज़ जताया था. महिला के विरोध पर श्रीकांत त्यागी आग बबूला हो गया और एक महिला के साथ सबके सामने बहुत अभद्र व्यवहार किया यहाँ तक कि त्यागी ने उस महिला का चरित्र हनन भी किया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने टूल पकड़ा, विपक्षी राजनीतिक पार्टियों इसे सियासी रंग देना शुरू कर दिया क्योंकि त्यागी खुद का भाजपा नेता बता रहा था और सत्ता से अपने रसूख की बात कर रहा था. मामला तूल पकड़ने पर प्रदेश सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया और श्रीकांत त्यागी की जल्द से जल्द गिरफ़्तारी के लिए पुलिस की 12 टीमें बनाकर उसकी तलाश में भेजी गयीं।

