आगरा। शादी से मना करने पर युवक ने अपने घर में बीकॉम की छात्रा की हत्या कर दी। इसके बाद 35 घंटे तक शव को पलंग के नीचे छिपाए रखा। घर और आसपास दुर्गंध आने पर आरोपी के पिता को इसकी जानकारी हुई तो बेटे को बचाने के लिए वह भी उसके साथ शामिल हो गया और रात तीन बजे उनके साथ शव को बाइक पर ले जाकर गांव आबिदपुर में सड़क किनारे रखकर उसमें आग लगा दी। पुलिस को सुबह शव जली हालात में मिला। देर रात शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस ने आरोपी पुत्र और उसके बाप को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में आरोपी आशीष ने बताया कि उसके 30 मई को माता पिता गंगा स्नान के लिए गए थे। उनके जाने के बाद उसने अपनी प्रेमिका खुशबू को घर बुला लिया। शादी की बात करने पर खुशबू ने इससे मना कर दिया। इस पर दोनों में विवाद हुआ। गुस्से में उसने खुशबू के दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को पलंग के नीचे छिपा दिया। वह रातभर शव के साथ रहा। दूसरे दिन सुबह माता-पिता आ गए। 24 घंटे बाद शव से दुर्गंध आने लगी। इसके बाद रात में पिता के साथ वह शव को ठिकाने लगा आया। मृतक छात्रा खुशबू का फेंका गया मोबाइल और जूते आरोपी के घर से बरामद हो गया।
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बता दें कि गत गुरुवार को सुबह आबिदगढ़ के पास पुलिस गश्त को युवती का शव मिला था। शव जल रहा था। पानी डालकर पुलिस ने आग बुझाई और अधजली लाश पोस्टमार्टम गृह में रखवाई। रात को मृतका की शिनाख्त खुशबू के रूप में हुई। खुशबू के पिता वीरपाल जलेसर के नगला नैनसुख के रहने वाले हैं। वो मथुरा में यूपी 112 पर तैनात हैं। सिपाही वीरपाल शांता कुंज कॉलोनी में परिवार सहित रहते हैं। दो बेटियों में खुशबू बड़ी थी जो कि कमला नगर स्थित संत रामकृष्ण कन्या डिग्री कालेज से बीकॉम कर रही थी। वीरपाल सिंह ने बेटी की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। आरोप लगाया कि नवनीत निवासी आशीष काफी समय से उनकी बेटी को परेशान कर रहा था। शादी का दबाव बना रहा था। बेटी ने शादी से इंकार किया तो उसकी हत्या कर दी।

