देवबंद। जेल में मिलाई कराने से मना करना जेलर के लिए जानलेवा साबित हुए। मिलाई नहीं कराने से क्षुब्ध युवकों ने जेल पर जान से मारने की नियत से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हालांकि जेलर की किस्मत अच्छी रही कि उनको एक भी गोली नहीं लगी और वे बच गए। लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया। बता दें कि देवबंद में उप कारागार बनी हुई है। गत गुरूवार की रात उप कारागार में तैनात जेलर रीवन सिंह खाना खाने के बाद जेल परिसर में बने अपने आवास के बाहर टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान कुछ नकाबपोश लोग आए और उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। अपने ऊपर फायरिंग होती देख जेलर ने पेड़ के पीछे छुपकर अपनी जान बचाई थी। हालांकि फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास तैनात सुरक्षा कर्मी आ गए और उन्होंने भी मोर्चा संभाल लिया और फायरिंग की।
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लेकिन हमलावर युवक तब तक भाग गए थे। सूचना देवबंद पुलिस को दी गई। घटना की सूचना मिलते पर सक्रिय पुलिस ने अभियान चलाकर पांच युवकों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि हमलावर युवक मुलाकात के लिए जेल आए थे लेकिन जेलर ने उन्हें जेल में बंद उनके आदमी से मिलने नहीं दिया। इसी से नाराज होकर सभी युवक और जेलर पर फायरिंग कर दी थी। पकड़े गए सभी युवकों ने अपने नाम लविश,सचिन,पंकज सभी निवासी रनखंडी और दीपांशु
विशू निवासी जख्वाला बताए है। एसएसपी आकाश तोमर (SSP Akash Tomar) ने बताया कि पांचों आरोपियों ने बताया कि लविश के चाचा जेल में 2019 से बंद है। वह अपने चाचा से मिलाई के लिए गांव के दो अन्य साथियों के साथ आया था। जेल पर मौजूद जेलर ने मिलवाने से मना कर दिया। इस पर जेलर से बहस हुई और चले गए। रात में उन्होंने जेलर पर फायरिंग की।

