लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल यादव ( Shivpal Singh Yadav ) के भाजपा (BJP) में जाने की अटकलों के बीच उनके प्रवक्ता दीपक मिश्रा ने अहम बयान दिया है। उन्होंने इस बात के स्पष्ट रूप से संकेत दिये हैं कि बहुत जल्द ही शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ जा सकते हैं। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के विधायक दलों की बैठक में नहीं बुलाये जाने से शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) लगातार आहत बताये जा रहे हैं। उन्होंने अपनी पीड़ा भी कई बार मीडिया के सामने बयां की है। इस बीच सहयोगी दलों के साथ हुई बैठक में भी शिवपाल यादव (Shivpal Singh Yadav) नहीं गये थे। इस बीच खबर आई है कि शिवपाल यादव (Shivpal Singh Yadav) कभी भी भाजपा के साथ जा सकते हैं। वह अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं से लगातार बैठक रहे हैं। इन सभी मुद्दों पर प्रसपा के प्रवक्ता दीपक मिश्रा ने मीडिया से बात की तो कई पर्दों पर भी खुलकर बोले। इतना उन्होंने क्लियर कर दिया है कि अब सपा के साथ यह गठबंधन नहीं चल पाएगा।
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दीपक मिश्रा (Deepak Mishra ) ने कहा कि शिवपाल यादव की नाराजगी कोई व्यक्तिगत नहीं है। उन्होंने कोई चीज मांगी हो और ना मिली हो, इस तरह की नाराजगी नहीं है। उनकी नाराजगी सैद्धांतिक है और हर समाजवादी की नाराजगी को प्रतिद्वंद्धित करती है। आप बताईये कि जिस पार्टी के वो स्टार प्रचारक रहे, स्थापना की, अपने भागीरथ प्रयास से 47 सीट से 111 सीट दिलाई, उस पार्टी की विधायक दल की बैठक में आमंत्रित तक नहीं किया गया। जबकि वो उसी पार्टी के सिंबल पर विधायक हैं, क्या उन्हें नाराज नहीं होना चाहिए। पूरे मनोयोग से सपा गठबंधन को उन्होंने जिताने की कोशिश की। अखिलेश की सीट करहल पर गये और वहां उन्होंने कहा कि उनसे ज्यादा वोट से अखिलेश को जिताईये, क्या कोई नेता या खुद एक जगह से प्रत्याशी हो और दूसरे प्रत्याशी के लिए कहे कि मुझसे ज्यादा मार्जिन से जिताइये। हालांकि शिवपाल (Shivpal Singh Yadav) जहां 90 हजार वोट से जीते तो वहीं अखिलेश 60 हजार से जीते लेकिन इस त्याग का क्या मिला?
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प्रसपा प्रवक्ता ने कहा कि हमने पहले ही कहा कि नया साल नये और शुभ कार्य करने का अवसर है। संभावनाओं के पट कभी बंद नहीं होते हैं। रही बात सिद्धांतों की तो क्या आपने उनके संविधान को पढ़ा है। उसमें साफ-साफ लिखा है कि वो गांधीवादी समाजवाद को मानते हैं। ऐसे में शिवपाल (Shivpal Singh Yadav) के साथ जाने से इसे और मजबूती मिलेगी। अगर शिवपाल जाते हैं तो। दीपक मिश्रा ने कहा कि क्या कभी प्रधानमंत्री ने यह बात कही कि वो गोडसे को मानते हैं। सीएम ने कही ये बात। यह आरोप हैं और निराधार है। रही बात हमारी राय की तो उनके संविधान के धारा दो के पैरा 03 में लिखा है। हम चले जाएंगे तो उनके गांधीवादी समाजवाद को और बल मिल जाएगा। हमने समाजवादी आंदोलन को मजबूत किया है और समाजवादी आंदोलन को ही मजबूत करेंगे।

