पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की पार्टी Trinamool Congress (TMC) में अंदरूनी कलह बढ़ती नजर आ रही है। पार्टी के कुछ सांसदों के बगावती तेवरों ने नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है।
बारासात से सांसद Kakoli Ghosh Dastidar ने हाल ही में पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। अब उन्होंने दावा किया है कि बागी सांसदों का एक समूह NDA को समर्थन देने के पक्ष में है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ करीब 19 सांसदों का समर्थन है।
बताया जा रहा है कि दल-बदल कानून से बचने के लिए बागी गुट को TMC के लोकसभा सांसदों के दो-तिहाई समर्थन की जरूरत होगी।
इससे पहले पार्टी के एक अन्य नेता Ritabrata Banerjee ने भी कई नेताओं के समर्थन के साथ विपक्ष के नेता पद पर दावा पेश किया था। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि TMC के कुछ अन्य सांसदों की नाराजगी खुलकर सामने आ रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली में कई बागी सांसदों ने बैठक की, जिसमें पार्टी से अलग होने और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बताया जा रहा है कि इस बैठक में बंगाल के वरिष्ठ बीजेपी नेता Suvendu Adhikari भी मौजूद थे।
दिलचस्प बात यह है कि जिस समय ममता बनर्जी विपक्षी गठबंधन INDIA की बैठक में शामिल थीं, उसी दौरान दिल्ली में बागी सांसदों की अलग बैठकें चल रही थीं।
इस राजनीतिक हलचल के बीच TMC के वरिष्ठ नेता Sukhendu Sekhar Roy ने भी राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी में भ्रष्टाचार और खराब प्रशासन जैसे मुद्दों का आरोप लगाया।
हालांकि, TMC ने इन दावों को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि सांसदों के समर्थन से जुड़ी जो सूची सामने आई है, वह फर्जी और मनगढ़ंत है। पार्टी के अनुसार, सूची में शामिल कई नेताओं ने किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया है।
बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद TMC के सामने यह नया राजनीतिक संकट माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पार्टी इस अंदरूनी असंतोष से कैसे निपटती है और आने वाले दिनों में राजनीतिक घटनाक्रम किस दिशा में जाता है।

