- महाराष्ट्र विधान परिषद की छह में से चार सीटें भाजपा को मिलीं
नागपुर। महाराष्ट्र विधान परिषद की दो सीटों पर हुए चुनाव में महाविकास आघाड़ी सरकार को बड़ा झटका देते हुए भाजपा ने कुल छह सीटों में से चार पर कब्जा कर लिया है। नागपुर और अकोला-वाशिम-बुलढाणा विधान परिषद सीट पर भाजपा उम्मीदवारों ने बड़े अंतर से जीत हासिल कर सत्तारूढ दल को सकते में डाल दिया है।
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महाराष्ट्र विधान परिषद के लिये 10 दिसंबर को कुल छह सीटों के लिए चुनाव हुए थे, जिनमें से चार सीटों पर निर्विरोध मतदान हुआ था। अब छह सीटों में से चार पर भाजपा ने जीत हासिल की है। मुंबई की दो सीटों पर हुए चुनाव में एक सीट पर शिवसेना प्रत्याशी सुनील शिंदे और दूसरी सीट पर भाजपा के राजहंस सिंह ने निर्विरोध जीत हासिल की। वहीं कोल्हापुर से कांग्रेस उम्मीदवार सतेज पाटील और नंदुरबार-धुले से भाजपा उम्मीदवार अमरीश पटेल को निर्विरोध चुना गया। वहीं नागपुर में भाजपा नेता और प्रदेश के पूर्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बड़ी जीत हासिल की है। बड़ी बात यह है कि महाविकास आघाड़ी के 16 सदस्यों ने बीजेपी के पक्ष में क्राॅस वोटिंग की जिसके चलते एमवीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार मंगेश देशमुख को महाविकास आघाड़ी के 202 वोटों में से मात्र 186 वोट ही मिल सके। वहीं अकोला सीट पर बीजेपी के वसंत खंडेलवाल ने शिवसेना के गोपीकिशन बाजोरिया को 110 मतों से हराया।
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महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने इस जीत पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा की जीत ने महाविकास आघाड़ी के इस मिथक को तोड़ दिया है कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस मिलकर राज्य में सभी चुनाव जीत सकते हैं। भले ही तीनों राजनीतिक दल भले ही एक साथ आ जाएं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जीत उन्हीं की होगी। सही मायने में यह कांग्रेस की हार है। कांग्रेस नेताओं पर निरंकुश तरीके से व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए फडणवीस ने नाना पटोले को पार्टी की प्रदेश इकाई के काम के लिए उपयुक्त नहीं बताते हुए उनको इस्तीफा देने की बात कही।

