मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गवर्नेंस के एजेंडे के हिसाब से ‘गृह’ और ‘सूचना’ सबसे अहम पद हैं. जो इस पद पर बैठता है, उसका कद सबसे बड़ा होता है और अब इस पद पर संजय प्रसाद नजर आएंगे. यह सब हुआ 1 सितंबर की सुबह यूपी ब्यूरोक्रेसी में अचानक बड़े बदलाव के बाद. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीम 9 में कई अहम नौकरशाहों को अचानक ही बदल दिया गया और इस बदलाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद सबसे ताकतवर होकर उभरे.
संजय प्रसाद को प्रमुख सचिव गृह जो अवनीश अवस्थी के रिटायरमेंट के बाद खाली हुआ और प्रमुख सचिव सूचना जिसको सभी सरकारों में अपने को सेट कर लेने वाले नवनीत सहगल संभाल रहे थे, दोनों की जिम्मेदारी एक साथ दे दी गई. अवनीश अवस्थी 2017 से 2022 तक इस पद पर थे और इस दौरान वह योगी सरकार के सबसे ताकतवर नौकरशाह थे.
संजय प्रसाद की बात करें तो लगभग 3 सालों से उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव होने के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय का कामकाज देखते रहे हैं. मूल रूप से बिहार के रहने वाले 1995 बैच के संजय प्रसाद का शुमार मुख्यमंत्री योगी के सबसे ख़ास सिपहसालारों में लिया जाता है और यही वजह कि योगी जी कृपा से उनका कद अचानक इतना बड़ा हो गया. संजय प्रसाद को आंकड़ों का माहिर माना जाता है, इस मामले में उनकी ज़बरदस्त पकड़ है और यही वजह है कि आंकड़ों से जुड़ा कोई पेपर मुख्यमंत्री के पास बिना संजय प्रसाद की नज़र से गुज़रे नहीं जाता था. हर समय साये की तरह सीएम के साथ रहने वाले संजय प्रसाद को लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मोबाइल ऑफिस भी कहते हैं.
कहते हैं कि माया और सपा सरकार में एसीएस सूचना की ज़िम्मेदारी संभालने वाले नवनीत सहगल को जब योगी सरकार में वही ज़िम्मेदारी सौंपी गयी तो उनपर निगरानी के लिए सोचना विभाग में सचिव के तौर पर संजय प्रसाद को रखा गया. बेशक संजय प्रसाद अब यूपी सरकार के सबसे कद्दावर ब्यूरोक्रेट बन गए है पर देखना है कि वह अवनीश अवस्थी और नवनीत सहगल का संगम कैसे बनेंगे

