कांग्रेस नेता राहुल गाँधी द्वारा लंदन की कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में मोदी सरकार, भाजपा और आरएसएस को लेकर कही गयी बातों को लेकर भारत में भाजपा द्वारा बवाल काटा जा रहा है. संसद में जहाँ सरकार के मंत्री और सांसद राहुल गाँधी से माफ़ी की मांग कर रहे हैं वहीँ उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ भी कार्यक्रमों में राहुल गाँधी पर हमला कर रहे हैं. वहीँ राहुल के बयान पर संघ की प्रतिक्रिया भी सामने आयी है. संघ ने राहुल गाँधी को सलाह दी है कि उन्हें अधिक ज़िम्मेदारी से बोलना चाहिए।
सियासी एजेंडे का पालन करते हैं राहुल
संघ महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने मंगलवार को कहा कि राहुल गाँधी अपने सियासी एजेंडे का पालन करते हैं वहीँ आरएसएस की हकीकत सभी जानते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि इस पर टिप्पणी करने की कोई वजह नहीं है। हालाँकि विपक्ष के एक प्रमुख नेता के रूप में उन्हें अधिक जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। बता दें कि लंदन में राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना मिस्र के चरमपंथी गुट मुस्लिम ब्रदरहुड से की थी। कांग्रेस नेता ने कहा था कि आरएसएस की स्थापना उसी तरह सीक्रेट सोसाइटी के तहत की गई है जिस तरह मिस्र में ब्रदरहुड की हुई थी। राहुल ने आरएसएस को एक ऐसा कट्टरवादी और फासीदवादी संगठन बताया था जिसने भारत की सभी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है।
कांग्रेस कर रही है पलटवार
वहीं कांग्रेस पार्टी का कहना है कि राहुल गाँधी ने ऐसा कुछ भी नहीं कहा जिसकी वजह से उन्हें माफी मांगनी पड़े। कांग्रेस पार्टी का कहना कि प्रधानमंत्री मोदी एकबार नहीं अनेकों बार विदेश में जाकर भारत का और भारतवासियों का अपमान किया है. दरअसल माफ़ी तो उन्हें मांगनी चाहिए। कांग्रेस के राष्ट्रिय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कल विपक्षी नेताओं के साथ प्रधानमंत्री के विदेश में दिए गए उन कुछ बयानों को पढ़कर सुनाया जिससे देश और देश के लोगों का अपमान होता है.

