- कर विभाग ने तीन कंपनियों में 11 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी
- दो कम्पनीओ से मौके पर ही 90 लाख रूपये जमा कराये गये
देहरादून। कोरोना संक्रमण के दौर में सेनेटाइजर की भारी मांग रही। सुरक्षा के लिये लोगों ने सेनेटाइजर खरीदे तो दुकानों से लेकर आॅफिसों तक में सेनेटाइजर का प्रयोग अनिवार्य कर दिया गया। ऐसे में सेनेटाइजर बनाने वाली कंपनियों की चांदी रही और उन्होंने जमकर मुनाफा कमाया।
मगर यह कंपनियां भारी बिक्री करने के बावजूद टैक्स चुकाने से बचती रहीं। लेकिन अब राज्य कर विभाग ने ऐसी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू करते हुए तीन कंपनियों पर छापा मारकर 11 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी है। दो कंपनियांे से मौके पर ही 90 लाख रूपये भी जमा करा लिये गये हैं।
टैक्स चोरी करने वाली कंपनियों के खिलाफ अभियान चलाते हुए अपर आयुक्त राज्य कर हरिद्वार जोन अनिल सिंह और संयुक्त आयुक्त (एसआईबी/ प्रवर्तन) राज्य कर-हरिद्वार जोन सुनीता पांडेय के निर्देशन एवं उपायुक्त मनीष मिश्रा के नेतृत्व में राज्य कर की एसआईबी इकाई ने सिडकुल और भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र की तीन बड़ी कंपनियों में छापेमारी की।
जांच में पाया गया कि इन कंपनियों में दवाई, काॅस्मेटिक प्रोडक्ट्स का निर्माण किया जाता था। मगर कोरोना संक्रमण शुरू होने के साथ ही इन कंपनियों में काफी मात्रा में सेनेटाइजर का निर्माण कर बिक्री की गयी थी। मगर भारी मुनाफा कमाने के बावजूद कंपनियों ने टैक्स जमा नहीं किया था।
ऐसे में कर विभाग ने कार्रवाई करते हुए तीन कंपनियों में की गयी 11 करोड़ रूपये की टैक्स चोरी पकड़ ली। कर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दो कंपनियांे से बतौर टैक्स 90 लाख रूपये जमा करा लिये गये हैं। बाकी रूपये जमा कराने के लिये कंपनियों को समय दिया गया है। दी गयी अवधि में टैक्स जमा न किये जाने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।

