कीव। रूस और यूक्रेन का युद्ध बीते कई महीनों से लगातार चल रहा है। दोनों देशों के बीच इस युद्ध में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है। लाखों लोग देश को छोड़कर दूसरे देश चले गए हैं। इन सब के बीच संयु्क्त राष्ट्र टीम ने रूसी सैनिकों की क्रूरता के बारे में जिस रिपोर्ट पेश किया है वह दिल दहला देने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के दौरान रूसी सैनिकों ने अत्याचार की सभी हदें पार कर दीं हैं। संयुक्त राष्ट्र ने रूस को युद्ध अपराधी घोषित कर दिया है। इतना ही नहीं अब पश्चिमी देशों ने तो आर्थिक प्रतिबंध तक लगा दिए।
संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट के मुताबिक इस साल मार्च में यूक्रेन में रूसी सैनिकों द्वारा मानवाधिकार के हनन की जांच के लिए टीम बनाई गई गई थी। जिसने रिपार्ट अब पेश कर दी है। इस रिपोर्ट में कहा है कि रूसी सैनिकों ने युद्ध के दौरान चार साल की छोटी बच्चियों से लेकर 82 साल की बुजुर्ग महिलाओं तक के साथ दुष्कर्म की घटनाओं को अंजाम दिया। इतना ही नहीं सैनिकों ने नागरिकों को कैद करके उनको थर्ड डिग्री से खतरनाक यातनाएं दीं हैं। यहां तक कि कुछ कैदियों को रूस भी ले जाया गया। जहां उन्हें पीटा गया और बिजली के झटके दिए गए और कपड़े उतारकर कोड़े बरसाए गए। इतना ही नहीं उनके गुप्तांग में भी करंट लगाया गया।
जिसमें कइयों की मौत हो गई है। रूसी सेना ऐसी घिनौनी हैवानियत पर उतर आए थे कि उन्होंने कब्र में रखे लाशों को क्षत-विक्षत कर दिया। कई सैनिकों पर लाश के साथ भी दुष्कर्म करने के आरोप हैं। कई शव ऐसे दिखाई दिए जिनके पीठ के पीछे हाथ बंधे, सिर पर बंदूक गोली के घाव और गला काट दिया गया था। रूसी सैनिकों का ऐसा चेहरा सामने आने के बाद विश्व में रूस के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है।

