मास्को। रूस ने युद्ध के दौरान अपने कब्जे में आए यूक्रेन के क्षेत्रों में जनमत सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कब्जे वाले इलाकों पर रूस के कब्जे को वैधता दिलाने के लिए ही यह सर्वेक्षण करवा रहे हैं। दूसरी तरफ अमेरिका सहित पश्चिमी देशों ने रूस के इस सर्वेक्षण को अमान्य बताकर इसको खारिज कर दिया है। यूक्रेन का कहना है कि इस सर्वेक्षण में सिर्फ अलगाववादी भाग ले रहे हैं। क्रेमलिन द्वारा यह सर्वेक्षण दोनेस्क,लुहांस्क,खेरसॉन और जपोरिझिया इलाकों में कराया जा रहा है। क्रेमलिन द्वारा कराए जा रहे इस जनमत सर्वेक्षण की यूक्रेन व पश्चिमी देशों ने व्यापक निंदा की है। यूक्रेन ने इसे बिना किसी कानूनी बल के की कार्रवाई करार दिया। जनमत संग्रह को रूस द्वारा क्षेत्र के कब्जे की ओर बढ़ाये एक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। बता दें कि दोनेस्क,लुहांस्क और जपोरिझिया के कई इलाकों में यूक्रेनी सेना ने बढ़त बना ली है जबकि रूस चाहता है कि जो इलाके उसके कब्जे में है।ं उनमें जनमत करा लिया जाए। जिससे कि इस पर वह कानूनी तौर पर अपना कब्जा जमा सके। अलगाववादी नेता दानिश पुशिलिन ने जनमत संग्रह को ऐतिहासिक मील का पत्थर’ बताया है।
मेक्सिको ने रूस-यूक्रेन में स्थायी शांति स्थापित करने की कोशिश करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पोप फ्रांसिस और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरस की सदस्यता वाली समिति के गठन का प्रस्ताव रखा है। मेक्सिको विदेश मंत्री मार्सेलो लुइस एब्रार्ड कासौबोन ने प्रस्ताव दिया है। समिति का लक्ष्य, वार्ता के लिए एक नया तंत्र बनाने और तनाव घटाने के अलावा स्थायी शांति के उद्देश्य से मध्यस्थता के लिए उचित रास्ता तैयार करना होगा। उज्बेकिस्तान में पीएम मोदी के बयान का अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन सहित पश्चिमी देशों ने स्वागत किया था। ‘शांतिपूर्ण समाधान’ के अनुकूल प्रयासों को ब्रिक्स का समर्थन ब्राजील, भारत,रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के समूह ‘ब्रिक्स’ ने यूक्रेन में ‘शांतिपूर्ण समाधान’ के लिए सभी अनुकूल प्रयासों का समर्थन करते हुए दुनिया में जारी संघर्षों पर चिंता जताई है।

