दिल्ली-एनसीआर में टिड्डी दल के हमले से मेरठ में खलबली
मेरठ। दिल्ली-एनसीआर के फरीदाबाद, गुरुग्राम और भिवानी में टिड्डी दल के हमले से बाकी बचे जिलों में खलबली मच गई है। ऐसे में मेरठ में भी टिड्डी दल के हमले की आशंका से ग्रामीण सहमे हुए हैं। जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने गांव-गांव जाकर लोगों को टिड्डी दल से निपटने के उपाय बताने शुरू कर दिए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में टिड्डी दल के हमले के बाद अब मेरठ में भी उनके हमले की आशंका बनी हुई है। ऐसे में जिला प्रशासन ने अलर्ट घोषित कर दिया है। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने किसानों को चैकन्ना रहने की हिदायत दी है। क्षेत्र और ग्राम पंचायतों में आपदा राहत दल पहले ही गठित किए जा चुके हैं। जिला कृषि रक्षा अधिकारी प्रमोद सिरोही ने बताया कि टिड्डी दल के हमले की आशंका बनी हुई है। ऐसे में गांव-गांव कृषि विशेषज्ञों की टीम जाकर ग्रामीणों को जागरूक कर रही है। टिड्डी दल का आक्रमण होने पर लोग अपने घरों की खिड़की और दरवाजे बंद रखें। टिड्डी का आकार दो से ढाई इंच होता है। यह टिड्डी 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एक दिन में 150 किलोमीटर तक उड़ने की क्षमता रखती है।
टिड्डी दल आने पर यह उपाय करें
विशेषज्ञों का कहना है कि टिड्डी दल का हमला होने पर पटाखे, ढोल-नगाड़े, थाली, डीजे बजाकर और शोर मचाकर टिड्डी को खेत और पेड़-पौधों पर ना बैठने दिया जाए। खेत किनारे गहरी नाली बनाई जाए। टिड्डी दल शाम को पांच से सात बजे तक जमीन पर बैठ जाता है। इसके बाद टिड्डी दल पर कीटनाशक का छिड़काव करें। टिड्डी पर मेलाथियान 96 प्रतिशत का छिड़काव किया जाए। मेलाथियान पांच फीसदी धूल या फेनबेनरेट 0.5 फीसदी धूल 25 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करने से टिड्डी मर जाती है।

