नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के लिए रक्षा बजट बढ़ाकर 4.78 लाख करोड़ रुपये कर दिया है. इसमें पेंशन पर होने वाला खर्च भी शामिल है. पिछले साल रक्षा क्षेत्र के लिए 4.71 लाख करोड़ रुपये का आवंटन हुआ था. पेंशन खर्च को निकाल दे तो सस्शत्र सेनाओं के लिए 3.62 लाख करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया है.
वित्त मंत्री की ओर से लोकसभा में पेश बजट भाषण के अनुसार, नए हथियार, एयरक्रॉफ्ट, वारशिप और अन्य सैन्य साजोसामान की खरीद यानी पूंजीगत व्यय के लिए 1.35 लाख करोड़ रुपये का प्रवधान किया गया है. पिछले बजट में यह 1.13 लाख करोड़ रुपये था. बजट 2021 में रेवेन्यू खर्च, जिसमे सैलरी एवं रक्षा प्रतिष्ठानों के रखरखाव के लिए 3.37 लाख करोड़ रुपये का प्रवधान किया गया है. कुछ रेवेन्यू खर्च में 1.15 लाख करोड़ का खर्च पेंशन पर होना है.
वित्त वर्ष 2020-21 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा बजट में मामूली इजाफा किया था. इसे बढ़ाकर 3.37 लाख करोड़ रुपये किया गया था. जबकि 2019 में यह बजट 3.18 लाख करोड़ रुपये था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2020 के मुताबिक कुल रक्षा आवंटन में 1.13 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए दिए गए थे.
राजस्व व्यय के मद में 2.09 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान बजट में किया गया था, जिसमें वेतन पर व्यय और रक्षा प्रतिष्ठानों का रखरखाव शामिल रहा. कुल आवटंन में पेंशन भुगतान के लिए अलग रखे गए 1.33 लाख करोड़ रुपये शामिल नहीं था. रक्षा आवंटन जीडीपी का 1.5 फीसदी बना हुआ है. यह 1962 के बाद से सबसे कम रहा.

