नेहरू-गांधी परिवार के गढ़ अमेठी से अबतक कांग्रेस पार्टी की तरफ से किसी भी उम्मीदवार के नाम का एलान नहीं किया गया है, ये अलग बात है कि प्रधानमंत्री मोदी जी बता रहे हैं कि राहुल गाँधी वायनाड से भागकर अमेठी पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री की बात में कितना सच्चा है ये तो कुछ ही दिन में पता चला जायेगा फिलहाल अमेठी से बड़ी खबर ये हैं कि वहां पर पिछले दिनों कुछ पोस्टर लगे जिनमें लिखा है “रॉबर्ट वाड्रा अबकी बार” और ये पोस्टर कांग्रेस दफ्तर के बाहर लगा है.
इस पोस्टर के बात इस बात को अब हवा मिली है कि अमेठी से गाँधी परिवार का प्रतिनिधित्व रोबर्ट वाड्रा करने वाले हैं. दरअसल रोबर्ट वाड्रा भी इधर कई मौकों पर कह चुके हैं कि अमेठी के लोग उनसे बार बार अमेठी से चुनाव लड़ने को कह रहे हैं. वाड्रा ने कहा उनके भावनाओं की कदर होगी और इस बारे में सही पर फैसला लिया जायेगा। वाड्रा ने ये भी कहा वो 1991 से अमेठी से लगातार जुड़े रहे हैं , उनका अमेठी से जुड़ाव दशकों पहले से है. वाड्रा ने कहा था कि अमेठी के लोग चाहते हैं कि मैं उनका प्रतिनिधित्व करूं, उनकी समस्याएं सुनूं और समाधान करूँ. वाड्रा ने कहा कि उनकी भी इच्छा राजनीती में आने की है लेकिन मैं जल्दबाज़ी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहता।
माना जा रहा है कि 26 अप्रैल को वायनाड में मतदान के बाद अमेठी के लिए उम्मीदवार के नाम से कांग्रेस पार्टी पर्दा उठा देगी लेकिन गौरीगंज में उससे पहले रोबर्ट वाड्रा के समर्थन में लगे पोस्टरों ने काफी कुछ संकेत दे दिये हैं या फिर ये भाजपा को ब्लफ करने की एक रणनीति भी हो सकती है. क्योंकि जिस तरह अमेठी के लोगों को बेसब्री से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार का इंतज़ार है उससे कहीं ज़्यादा इंतज़ार प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के साथ स्मृति ईरानी को है. भाजपा अमेठी में रायबरेली की तरह उम्मीदवार के नाम का एलान अंतिम समय में करती लेकिन राहुल गाँधी को हराने वाली स्मृति ईरानी का नाम पहले से एलान करना उसकी मजबूरी थी। बहरहाल रोबर्ट वाड्रा के पोस्टरों में कितना दम है ये जल्द ही पता चल जायेगा।

