नई दिल्ली। सड़क दुर्घटना से जुड़े नियमों और सुरक्षा के लिये जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित कराये जा रहे अनकेडमी रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज के पहले सेमीफाइनल मैच में सचिन तेंदुलकर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने 12 रनों से जीत हासिल कर के फाइनल में जगह बना ली है। वेस्टइंडीज लेजेंडस के खिलाफ खेला गया यह मैच काफी रोमांचक रहा और भारत की ओर से 218 रन बनाने के बावजूद इसका फैसला आखिरी ओवर तक नहीं हो सका। हालांकि आखिरी ओवर में भारतीय टीम दबाव को सोखने में कामयाब रही और जीत हासिल कर फाइनल में पहुंच गई है।
वेस्टइंडीज की टीम ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया जिसके जवाब में भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर्स में 3 विकेट खोकर 218 रन का स्कोर खड़ा किया। भारतीय टीम के लिये सलामी बल्लेबाजी वीरेंदर सहवाग (35), सचिन तेंदुलकर (65), युवराज सिंह (49), युसुफ पठान (37) और मोहम्मद कैफ (27) ने आतिशी पारियां खेली और लगातार दूसरे मैच में 200 से ज्यादा रनों का स्कोर खड़ा किया।
हालांकि फैन्स को इसके बाद जरूर लगा कि भारतीय टीम आसानी से इस मैच को जीत लेगी लेकिन पहले ही ओवर में ऐसा जिसने साफ कर दिया कि यह आसान नहीं होगा। भारतीय टीम के लिये इरफान पठान ने पहले ओवर की शुरुआत की और 5 वाइड फेंकते हुए इस ओवर में 3 चौके खाये। इसकी मदद से विंडीज की टीम को वो शुरुआत मिली जिसकी उन्हें दरकार थी, उन्होंने पहले ही ओवर में 19 रन बटोरे।
वेस्टइंडीज के लिये पहले ड्वेन स्मिथ ने 36 गेंदों में 9 चौके 2 छक्के लगाकर 63 रनों की पारी खेली तो वहीं नरसिंह देवनारायण ने भी 44 गेंदों में 5 चौके और 2 छक्के लगाकर 59 रनों की पारी खेली। कप्तान ब्रायन लारा ने भी महज 28 गेंदों का सामना कर 4 चौके 2 छक्के लगाये और 46 रनों का योगदान दिया।
आखिरी ओवर में वेस्टइंडीज को जीत के लिये 17 रनों की दरकार थी लेकिन इरफान पठान ने इस ओवर में खतरनाक दिख रहे नरसिंह देवनारायण को रन आउट किया और सिर्फ 5 रन देकर भारत के लिये मैच जीतने का काम किया। भारतीय टीम के लिये आज बल्लेबाजी भले ही शानदार रही हो लेकिन गेंदबाजी और फील्डिंग बेहद लचर रही। फील्डिंग के दौरान भारतीय टीम ने कई कैच छोड़ने का काम किया जिसकी वजह से स्मिथ और देवनारायण इतना खतरनाक साबित हुए और आसान सा दिख रहा मैच इतना रोमांचक बन गया।

