ऋषिकेश। योगनगरी देश और विदेश में काफी लोकप्रिय हो रही है। खासकर देवी और विदेशी पर्यटकों के बीच यह ड्रीम डेस्टिनेशन (Dream destination) के रूप में काफी प्रसिद्ध हो रही है। योग नगरी ऋषिकेश (Rishikesh) में पर्यटकों की संख्या में बहुत इजाफा हुआ है। देश विदेश से एनएमसी में काम करने वाले युवाओं के लिए योग नगरी दिमागी टेंशन दूर करने के साथ ही शांति पाने का भी एक खूबसूरत स्थान है। यहीं कारण है कि पर्यटक खासकर युवा यहां पर अपने वीकएंड पर टेंशन दूर करने को ऋषिकेश (Weekend in Rishikesh) आते हैं। पर्यटकों का मानना है कि यहां के खूबसूरत नजारों के बीच प्राकृतिक गंगा तटों पर बैठकर उसकी अविरल धारा को देखने से एक आनंद की अनुभूति होती है।
बता दे कि ऋषिकेश को चार धाम की यात्रा का पहला और मुख्य द्वार कहा जाता है। यहां पर यात्री आकर चारों धामों की यात्रा के लिए कहीं भी किधर भी जा सकता है। ऋषिकेश योग नगरी ने अब पर्यटन के रूप में भी अपनी पहचान देश विदेश में बनाई है। कोरोना संक्रमण के बाद लोग अब उन पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं जो कि प्राकृतिक से भरपूर हो और चारों ओर हरियाली ही हरियाली हो। जिससे मन को सकून मिल सके और दूसरी ओर तन भी स्वास्थ्य हो सके। लोग अब एक ऐसे शांत वातावरण को अपना डेस्टिनेशन बना रहे हैं। जहां पर प्रकृति के बीच परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताया जा सके। इस स्थिति में ऋषिकेश पर्यटकों के मानकों पर पूरी तरह से खरी उतरती है। यहां पर गंगा के मनोरम घाट (Ganga ghaat), जंगल, प्राकृतिक तट के अलावा राफ्टिग जैसे साहसिक खेल और शांत वातावरण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं पर्यटकों को यहां पर शिवपुरी,स्वर्गाश्रम,ब्रह्मपुरी के अलावा तपोवन क्षेत्र में गंगा घाट के किनारे ऐसा अहसास होता है जैसे वे समुद्री तट पर हों। होटलों और जंगल में लगे कैंप में गंगा लहरों से छनकर आने वाले हवा के झोंकों पर्यटकों को बेफिक्री का अहसास कराते हैं।

