दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी 20 सीरीज़ 2-2 से कल बराबरी पर ख़त्म हुई, बारिश की वजह से सिर्फ तीन ओवरों का खेल ही हो सका. सीरीज़ की बात करें तो इस श्रंखला में के एल राहुल की जगह कप्तानी करने वाले ऋषभ पंत ने बल्ले से काफी निराशाजनक प्रदर्शन किया। उन्हें आयरलैंड दौरे के लिए आराम दिया गया है, वहीँ साउथ अफ्रीका के खिलाफ एक बल्लेबाज़ के रूप में खेल रहे सीनियर खिलाडी विकेटकीपर दिनेश कार्तिक ने कोच राहुल द्रविड़ को काफी प्रभावित किया, कार्तिक आयरलैंड के दौरे पर भी गए हैं .
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इस बीच टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ जिस तरह से दिनेश कार्तिक की तारीफ कर रहे हैं उससे क्रिकेट जगत में एक सवाल उठने लगा है कि इसी वर्ष होने टी 20 विश्व कप में कहीं पंत को झटका तो नहीं लगने वाला है. द्रविड़ ने कहा भी है कि सारे मैच विश्व कप की टीम के सिलेक्शन को नज़र में रख कर खेले जा रहे हैं. फिलहाल दिनेश कार्तिक को काफी एक्सपोज़र मिल रहा है. आईपीएल में भी दिनेश कार्तिक ने एक मैच फिनिशर के रूप में अपनी उपयोगिता साबित की है. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी दिनेश कार्तिक ने कई अच्छी पारियां खेलीं।
वहीँ पंत का आक्रामक स्टाइल भले ही लोगों को आकर्षक लगता हो लेकिन अक्सर बड़े और महत्वपूर्ण मौकों पर वह अपना विकेट फेंककर चले जाते हैं, उनकी इस कमी के लिए सभी पूर्व क्रिकेटर उन्हें बार बार टोकते रहे हैं, उन्हें सुधार लाने की सलाह देते रहे हैं लेकिन ऋषभ पंत उनकी बातों को एक कान से सुनकर दुसरे कान से निकाल देते हैं, दक्षिण अफ्रीका की श्रंखला में भी पंत ने अपनी वही पुरानी गलतियां दोहराई और उसका टीम को नुक्सान उठाना पड़ा वर्ना इस बार दक्षिण अफ्रीका को भारत की धरती पर टी 20 सीरीज़ गंवाने से कोई नहीं रोक सकता था.
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पंत को सोचना चाहिए कि अब उन्होंने काफी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेल रखी, काफी अनुभव भी हो चूका है, आक्रमकता बेशक फटाफट क्रिकेट की पहली ज़रुरत है लेकिन मैच के हालातों का भी बहुत महत्त्व होता है जिनके अनुरूप खिलाडियों को अपना रूप बदलना पड़ता है. कंसिस्टेंसी एक खिलाड़ी के लिए बहुत महत्त्व रखती है. भूलना नहीं चाहिए कि टीम इंडिया की बेंच स्ट्रेंथ बहुत मज़बूत है, खिलाड़ी स्थान लेने के लिए तैयार बैठे हैं फिर वह चाहे वेटेरन दिनेश कार्तिक हों या नौजवान ईशान किशन या संजू सैमसन। पंत को अगर टीम में ठहरना है तो सुधारना भी लाना होगा।

