बिहार के सीमांचल में पांच सीटों पर जीत का परचम लहराने वाले AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी को तगड़ा झटका लगा है. मीम के चार विधायकों ने RJD की लालटेन के प्रकाश में अब आगे चलने का फैसला किया है. AIMIM के चार विधायकों के शामिल होने के बाद राजद अब प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बन गयी है. AIMIM के साथ अब सिर्फ अख्तरुल ईमान बचे हैं जो अमौर सीट से विधायक हैं जबकि सैयद रुकनुद्दीन अहमद, शाहनवाज आलम, मोहम्मद इजहार असफी और मोहम्मद अंजार नईमी तेजस्वी के साथ हो लिए हैं.
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बता दे कि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने और राजद ने 75 सीटें जीती थीं लेकिन VIP पार्टी से जीतकर आने वाले चार में से तीन विधायक पाला बदलकर भगवा ब्रिगेड में शामिल हो गए जिसके बाद उनकी संख्या 77 हो गयी थी, वहीँ AIMIM के चार विधायक RJD में आने के बाद उसकी स्ट्रेंथ 80 हो गयी है क्योंकि उपचुनाव में उसे एक सीट और हासिल हुई थी और वो एकबार फिर प्रदेश की सबसे ज़्यादा विधायकों वाली पार्टी बन गयी है.
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पिछले चुनावों में सीमांचल की 24 सीटों पर जो कि मुस्लिम बहुल थीं महागठबंधन की बड़ी दावेदारी थी लेकिन असदुद्दीन की पार्टी AIMIM ने बड़ा नुक्सान पहुँचाया और उन्हें किशनगंज , पूर्णिया, अररिया और कटिहार में कुल मिलाकर 7 सीटें ही प्राप्त हुईं जबकि AIMIM ने पांच सीटों पर विजय प्राप्त की. ओवैसी की पार्टी ने सिर्फ पांच सीटें ही नहीं जीतीं बल्कि कई सीटों पर महागठबंधन को वोटों के मामले में बड़े पैमाने पर नुक्सान भी पहुँचाया था. बहरहाल AIMIM में इस बड़ी बगावत के बाद राजद ने इसकी भरपाई अच्छे तरीके से कर ली है. ओवैसी की पार्टी में बग़ावत सिर्फ विधायकों के मामले में नहीं है बल्कि सीमांचल के मुसलमान अब क्या सोच रहे हैं उसको भी दर्शा रही है. उन्हें शायद एहसास हो गया कि AIMIM का समर्थन करके उन्होंने एक गलती की थी, इन विधायकों ने शायद जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उसी गलती को सुधारा है.

