खुलासा: प्रमोशन में आरक्षण न होने से उच्च पदों पर दलितों का प्रतिनिधित्व पहुंचा जीरो

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खुलासा: प्रमोशन में आरक्षण न होने से उच्च पदों पर दलितों का प्रतिनिधित्व पहुंचा जीरो

लखनऊ। यूपी में पदोन्नति में आरक्षण समाप्त होने के बाद उच्च पदों पर दलितों का प्रतिनिधित्व को लेकर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश की है। समिति ने दावा किया है कि बिजली, कृषि, सिंचाई व लोक निर्माण विभाग में उच्च पदों पर दलितों का प्रतिनिधित्व लगभग शून्य हो गया है। इसको लेकर अब समिति मोर्चा खोल चुकी है। समिति ने साफ शब्दों में कह दिया है कि प्रमोशन में आरक्षण की जो बात करेगा, उसके साथ लगभग आठ लाख कार्मिक और उनका परिवार साथ खड़ा होगा। इसको लेकर बैठकों का दौर शुरू कर दिया गया है। समिति की रिपोर्ट के मुताबिक बिजली विभाग में निदेश व प्रबंध निदेश, कृषि निदेशक, अपर निदेशक, पीडब्ल्यूडी व सिंचाई विभाग में प्रमुख अभियंताओं के पदों पर कोई भी दलित नहीं है। ये पदोन्नति में आरक्षण लागू नहीं होने की वजह से है।

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आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने राजनीतिक दलों को चेताया है कि अगर पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे को घोषणापत्र में शामिल नहीं किया गया तो वो सरकार नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में हमारे आठ लाख से ज्यादा कार्मिक हैं। ये पढ़ा लिखा वो तबका है जो अपने संवैधानिक अधिकारों का हनन होने पर सरकारों को पलट देता है। भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस, रालोद समेत सभी दलों को चेतावनी दी है कि उनके मुद्दे की अनदेखी भारी पड़ेगी। अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि केंद्र में पहले कांग्रेस और उसके बाद भाजपा की मोदी सरकार ने भी दलितों के संवैधानिक अधिकारों के लिए पदोन्नति में आरक्षण के बिल को पास नहीं किया। सरकारें लगातार इसकी अनदेखी कर रहीं हैं। अवधेश कुमार वर्मा ने केंद्र की मोदी सरकार को चेतावनी दी है कि पदोन्नति में आरक्षण के बिल को तत्काल पास कराये अन्यथा 2024 के चुनाव में सबक सिखाया जाएगा।

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उन्होंने कहा कि यूपी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। संघर्ष समिति ने कहा है उनके मुद्दों की अनदेखी भारी पड़ेगी। सभी दलों को आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 3 (7) को बहाल करने की बात करनी होगी। साथ ही लोकसभा में भी लंबित पदोन्नति का आरक्षण बिल भी पास कराना होगा। बैठक में रामशब्द जैसवारा, आर पी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अंजनी कुमार, बिंद्रा प्रसाद, प्रेमचंद्र, अजय चौधरी आदि मौजूद थे।

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