ग्लोबल हंगर इंडेक्स की नयी रिपोर्ट पर देश में बवाल मचा हुआ है, विपक्ष रिपोर्ट को लेकर सरकार को निशाना बना रहा है वहीँ रिपोर्ट को भारत सरकार ने ज़मीनी हकीकत से दूर बताया है और कहा है कि यह भारत को बदनाम करने की एक साज़िश है. बता दें कि इस नयी इंडेक्स के मुताबिक 121 देशों भारत की रैंकिंग 107 वे नंबर पर है, पिछले साल भी रैंकिंग में गिरावट हुई थी और 94 से 101 वे नंबर पर भारत फिसल गया था. दिक्कत की बात यह है कि इस सूचकांक में बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान जैसे कई देश भारत से बेहतर स्थिति में हैं.
बता दें कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स की 2022 की रिपोर्ट पर भारत सरकार ने कई खामियां गिनाते हुए सवाल उठाए हैं. सरकार ने कहा है कि रिपोर्ट गंभीर सवालों से ग्रस्त है और जमीनी हकीकत से दूर है, रिपोर्ट में जनसंख्या के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार के प्रयासों को अनदेखा किया गया है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा है कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स की सालाना रिपोर्ट अब गलत सूचना की पहचान लगने लगी है.
सरकार ने कहा कि यह भारत की छवि को खराब करने के लिए एक निरंतर प्रयास है. यह रिपोर्ट आयरलैंड और जर्मनी के गैर-सरकारी संगठनों द्वारा जारी की जाती है. बता दें सूचकांक की गणना के लिए उपयोग किए जाने वाले चार indicators में से तीन बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित हैं जो पूरी आबादी के प्रतिनिधि नहीं हो सकते हैं. सरकार ने कहा कि कुपोषित आबादी के अनुपात का सबसे महत्वपूर्ण indicator अनुमान का नमूना मात्र 3000 का है जो बहुत छोटा है.

