तेहरान। ईरान इस समय हिजाब विरोधी आंदोलन की आग में झुलस रहा है। हिराब विरोध प्रदर्शन और अधिक उग्र और हिंसक होता जा रहा है। अब अज्ञात प्रदर्शनकारियों ने देश के धार्मिक पुलिस प्रमुख की गोली मारकर हत्या कर दी। यह देख ईरान सरकार आंदोलनकारियों के खिलाफ और सख्त कदम उठाने जा रही है। हिजाब के खिलाफ हिंसक आंदोलन की शुरुआत 22 वर्षीय युवती महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद हुई। अमीनी जब अपने परिवार के साथ कहीं जा रही थी।
उस दौरान धार्मिक या मॉरल पुलिस ने उसे कार से उतारकर ठीक से हिजाब नहीं पहनने के आरोप में हिरासत में ले लिया था। उसे पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। जहां कथित तौर पर मारपीट के दौरान उसकी मौत हो गई थी। हालांकि, ईरान सरकार ने महसा ककी मौत की वजह हार्ट अटैक बताया था। इसके बाद पूरे देश में हिजाब के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू हुआ जो कि अब बुरी तरह से विश्व के अन्य देशों में भी फैल गया है।
ईरान में जगह-जगह हिंसक प्रदर्शनों में 50 से अधिक महिलाओं की मौत की जानकारी है। हिजाब के खिलाफ बंदूकधारी प्रदर्शनकारी अब पुलिस अधिकारियों को निशाना बना रहे हैं। इसी क्रम में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के खुफिया प्रमुख अली मौसावी की शुक्रवार को बंदूकधारी प्रदर्शनकारी ने गोली मारकर हत्या कर दी।
मौसावी ईरान की धार्मिक पुलिस के प्रमुख थे। पुलिस की यह इकाई ईरान में शरिया कानूनों का पालन कराने के लिए काम करती है। घटना से ईरान की अयातुल्लाह अली खुमैनी सरकार आंदोलनकारियों के खिलाफ अब और कठोर कार्रवाई करने की रणनीति पर काम कर रही है।
ईरान में महिलाएं अब सरेआम अपने सिर के बाल काटकर अनिवार्य हिजाब कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। वहीं ईरान में महिलाओं के दमन की अब दुनियाभर में निंदा हो रही है। ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शनों में अब तक 50 से अधिक लोग मारे गए हैं। जबकि 700 से अधिक प्रदर्शनकारी गिरफ्तार किए हैं। ईरान सरकार हिजाब कानून में बदलाव नहीं करने पर अड़ी हुई है। वहीं आंदोलनकारी इसे खत्म करने की मांग कर रहे हैं।

