नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आज मौद्रिक नीति की घोषणा करेगा। माना जा रहा है कि आरबीआई आज रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि फिर से कर सकता है। इससे पहले फरवरी में हुई एमपीसी बैठक में रेपो दर को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 6.50 प्रतिशत किया गया था। उस समय आरबीआई ने कहा था कि खुदरा महंगाई को काबू में रखने और उच्च विकास दर को बनाए रखने के लिए प्रमुख नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
नरम रुख की पर्याप्त वजह
एसबीआई के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष का कहना है कि आरबीआई के पास इस बात के पर्याप्त कारण मौजूद हैं कि वह अप्रैल की समीक्षा में रेपो दर में कोई वृद्धि न करे। तरलता के मोर्चे पर दिक्कतों के बावजूद केंद्रीय बैंक आगामी एमपीसी बैठक में नरम रुख अख्तियार कर सकता है। हालांकि, आरबीआई के यह विकल्प है कि वह जून में होने वाली एमपीसी बैठक रेपो दर में बढ़ोतरी करे।
महंगाई दर 5.5 प्रतिशत के करीब रहने का अनुमान
खुदरा महंगाई के मोर्चे पर फिलहाल बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले 10 साल में औसत महंगाई दर 5.8 प्रतिशत रही है। इस बात की बहुत कम संभावना है कि आने वाले दिनों में खुदरा महंगाई 5.5 प्रतिशत या उससे नीचे आएगी। पिछले दो महीने से खुदरा महंगाई आरबीआई के 6 प्रतिशत के संतोषजनक दायरे से ऊपर रही है। फरवरी में खुदरा महंगाई 6.44 प्रतिशत और जनवरी में 6.52 प्रतिशत रही थी।
बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री सबनवीस का कहना है कि पिछले दो माह से खुदरा महंगाई के 6 प्रतिशत से ऊपर बने रहने और तरलता के तटस्थ हो जाने के बाद अनुमान है कि आरबीआई रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि कर सकता है। इसी के साथ ही, वह संकेत दे सकता है कि दरों में बढ़ोतरी का दौर खत्म हो चुका है। मई, 2022 से अब तक रेपो दर 2.50 प्रतिशत बढ़ चुकी है।

