RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी ने आज अपनी बैठक में रेपो रेट को 50 बेसिस पॉइंट बढ़ाने का फैसला कर लिया है. RBI MPC के इस फैसले के बाद रेपो रेट 4.40 फीसदी से बढ़कर 4.90 फीसदी हो गया है. RBI MPC के रेपो रेट बढ़ाने के फैसले की घोषणा गवर्नर शक्तिकांत दास ने की. इस फैसले के बाद अब ऑटो लोन, और होम लोन की EMI बढ़ जाएगी। RBI MPC ने इसके अलावा MSF में 50 बेसिस पॉइंट बढ़ाये हैं, साथ ही SDF (स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी) में भी 50 बेसिस पॉइंट का इज़ाफ़ा किया है.
इसके अलावा RBI ने फिनेंशियल ईयर 2022-23 के लिए GDP अनुमान को 7.2 फीसदी पर बरकरार रखा है. RBI के मुताबिक मौजूदा फाइनेंसियल ईयर के फर्स्ट क्वार्टर के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 16.2 फीसदी, दूसरी क्वार्टर में 6.2 फीसदी, तीसरे में 4.1 फीसदी और चौथे में 4 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है. वहीँ 2022-23 के लिए रिटेल इन्फ्लेशन के अनुमान को भी बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है जो पहले 5.7 था .RBI गवर्नर शक्तिकांत दास के मुताबिक अगली तीन तिमाही में महंगाई 6 फीसदी से ऊपर ही रहने का अनुमान है. रिजर्व बैंक ने मॉनसून के सामान्य रहने का भी अनुमान जताया है. साथ ही कहा है महंगे तेल के कारण महंगाई और बढ़ेगी।
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RBI के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही के लिए महंगाई का अनुमान 7.5 फीसद. जुलाई-सितंबर के लिए 7.4 फीसद, अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 6.2 फीसदी कर दिया गया है, वहीँ चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के लिए महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 5.8 फीसदी किया गया है. बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार RBI के आज के फैसले से पहले से मंहगाई की मार झेल रही जनता को और मार झेलनी पड़ेगी.
