Rampur Lok Sabha By-Election : अपने दो करीबियों के बीच फंसे दिग्गज सपा नेता आजम खान

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मेरठ। 89 मुक़दमों में जमानत मिलने के बाद सपा नेता आज़म ख़ान अब जेल से बाहर हैं। हालांकि उनकी तबियत इस समय नासाज़ है। लेकिन वे अपने राजनैतिक गढ़ रामपुर में चुनाव लड़ने-लड़ाने की तैयारी में जुटे हैं। 
गत सोमवार को रामपुर में सपा कार्यालय में आज़म ख़ान ने अपने क़रीबी रहे आसिम राजा को रामपुर से लोकसभा उपचुनाव का प्रत्याशी घोषित किया। दिल्ली में अखिलेश यादव और आज़म ख़ान की मुलाक़ात के बाद यह संकेत मिल गए थे कि आज़म ख़ान को रामपुर से पार्टी के प्रत्याशी चयन की छूट है।

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हालांकि परंपरागत तौर पर पार्टी लखनऊ में प्रेस विज्ञप्ति या ट्वीट कर इसकी घोषणा करती है। इससे साफ ज़ाहिर है कि आज़म की पार्टी पर पकड़ आज भी मज़बूत है। आसिम राजा के नाम की घोषणा के साथ ही आज़म ख़ान ने कहा कि हमारे बहुत अज़ीज़ साथी, सियासी तजुर्बा से भरपूर शख़्सियत का नाम आसिम राजा है। यह चुनाव आसिम राजा साहब को लड़ाकर अपनी तकलीफ़ों का हिसाब लेना चाहते हैं। 

आसिम राजा का राजनीतिक करियर

आसिम राजा सपा के पूर्व नगर अध्यक्ष रहे हैं। इसके अलावा आज़म के क़रीबियों में से एक हैं। यह इनका पहला चुनाव है। यह पहली बार है कि जब आसिम ने नामांकन दाखिल किया।

भाजपा की रामपुर रणनीति :—

रामपुर लोकसभा क्षेत्र में अगर मतदाताओं की बात करें तो यहां पर 16 लाख से अधिक वोटर हैं। रामपुर लोकसभा में कुल 50.57 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। जबकि रामपुर में 45.97 प्रतिशत हिंदू आबादी निवास करती है। 
मुस्लिम बहुल्य सीट होने के बाद भी भाजपा इस रामपुर लोकसभा चुनाव को तीन बार जीत चुकी है। लेकिन इस बार भाजपा ने आज़म के क़रीबी घनश्याम लोधी को टिकट देकर नई चाल चली है।

लोधी को टिकट मिलने की अहमियत इस लिए और बढ़ जाती है कि रामपुर में 95 हजार लोध राजपूत निवास करते हैं। इसके अलावा दूसरी जाति के निवासी हैं। लोध राजपूर के बाद यहां पर दूसरी बड़ी जाति सैनी है। इसके बाद अन्य लोग आते हैं। भाजपा रामपुर में जो चुनावी समीकरण बनाना चाहती है वो हिंदू बनाम मुस्लिम है। 2014 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा इसी समीकरण पर चुनाव लड़ी थी और  नेपाल सिंह भाजपा सांसद बने थे। इससे पहले मुख़्तार अब्बास नक़वी भी हिंदू पक्ष के बड़े वोट और मुस्लिमों में सेंधमारी कर भाजपा से जीत चुके हैं। इस बार भी भाजपा नहीं चाहती कि वोट एकजुट हो जाए ।

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घनश्याम सिंह लोधी का आज़म खान कनेक्शन :—

भाजपा प्रत्याशी घनश्याम लोधी और सपा विधायक आज़म ख़ान दोनों इतने क़रीबी हैं कि वो एक दूसरे की कमजोरी जानते हैं। आज़म खान ने धनश्याम लोधी को दो बार एमएलसी बनवाया। कहते हैं कि दोनों इतने क़रीबी थे कि उनको बक़ायदा हेलीकॉप्टर से लखनऊ से भेजा गया। लोधी 2022 विधानसभा के चुनाव से पहले तक आज़म ख़ान के काफ़ी क़रीबी रहे। लेकिन जब आज़म ख़ान जेल चले गए तो वो थोड़ा किनारे हो गए। उन्हें पार्टी में तवज्जों नहीं मिली तो सपा को छोड़ दिया और भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा चाहती है कि आज़म ख़ान को उनके किसी ख़ास रणनीति के जानकार को मैदान में उतारकर मात दी जाए। यह काम धनश्याम लोधी बहुत बेहतर करना जानते हैं।

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