पिज्जा,बर्गर और चाउमिन से भर रहे पेट, जरूरी सामान भी पैककर अपने साथ रखा

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पिज्जा,बर्गर और चाउमिन से भर रहे पेट, जरूरी सामान भी पैककर अपने साथ रखा

नैनीताल। रुस और यूक्रेन युद्ध (Ukraine-Russia war) का खामियाजा वहां पर फंसे भारतीय छात्रों (Indian students) को भुगतना पड़ रहा है। यूक्रेन में अधिकतर छात्र मेडिकल की पढाई करने के लिए गए हुए हैं। इनमें उत्तराखंड के भी काफी संख्या में छात्र फंसे हुए हैं। वे बराबर भारतीय दूतावास (Indian Embassy) के संपर्क में हैं। छात्रों को भारतीय दूतावास ने तैयार रहने को कहा है। किसी भी समय उनको एयरपोर्ट पर ले जाकर भारत के लिए रवाना किया जा सकता है। इसलिए छात्र रात में भी जूते पहनकर सो रहे हैं। नैनीताल की उर्वशी भी यूक्रेन में फंसी हुई हैं। उन्होंने अपने परिजनों को बताया कि रात में सभी भारतीय छात्र जूते पहनकर सो रहे। पता नहीं कब भारतीय दूतावास से बुलावा आए और उनको तुरंत निकलना पड़े। उर्वशी ने शुक्रवार को अपने परिजनों से बात कर बताया कि उनके पास खाने के लिए पिज्जा बर्गर और चाउमिन के अलावा और कुछ नहीं है। उसने बताया कि यूक्रेन के अधिकाश इलाकों में रुसी सैनिकों ने हमला कर दिया है। हालांकि अभी पश्चिमी इलाकों में रूसी हमले नहीं हुए है।

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उर्वशी की मां कुमाऊं विवि के इतिहास विभागाध्यक्ष में प्रोफेसर हैं। उनका नाम सावित्री जंतवाल है। उन्होंने बताया कि तनावग्रस्त यूक्रेन में भारत के आधिकांश छात्र फंसे हुए हैं। सभी मेडिकल के छात्र है। उर्वशी के पिता पूर्व विधायक डॉ0 एनएस जंतवाल ने बताया कि जब रुसी सैनिकों ने यूक्रेन पर हमला किया उसके बाद से उन्होंने टीवी नहीं देखा है। कुर्मांचल बैंक नैनीताल में काम करने वाले विवेक जोशी के अलावा मल्लीताल बड़ा बाजार के व्यापारी प्रेम सिंह बिष्ट की बेटी भी यूक्रेन में इस समय फंसी हुई हैंं।

प्रेम सिंह की बेटी ने बताया कि वो मैगी, पिज्जा व चाउमिन (Pizza and Chowmein) खाकर अपना पेट भर रहे हैं। यूक्रेन सरकार के आदेश पर छात्रों के खाने की व्यवस्था हुई लेकिन अब स्थिति खराब होने के कारण वो भी नहीं मिल रहा है। यूक्रेन पर रूस के हमले ने छात्रों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। विजय ने बताया कि जहां पर वह रहता है वह यूक्रेन का एयर बेस है। वहां से भी यात्री विमान भी उड़ते हैं।

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