देहरादून। पेंशन को लेकर पूरे देश में सरकारी कर्मचारी आंदोलनरत हैं। कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं। उत्तरांखड (Uttarakhand) में भी नई पेशन नीति के अनुसार सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को कर्मचारी की मृत्यु के पश्चात पेंशन की व्यवस्था (Pension scheme) समाप्त की जा चुकी है। विधायकों के आश्रितों को प्रदेश में अभी भी पेंशन मिल रही है। उत्तराखंड के करीब 40 पूर्व विधायकों के आश्रितों को प्रतिमाह 8 लाख 69 हजार 250 रुपये का भुगतान पेंशन के रूप में किया जा रहा है।
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इसका खुलासा अधिवक्ता नदीमउदृीन ने सूचना के अधिकार तहत जानकारीमांगी तो उसमें हुआ। सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची के अनुसार उत्तराखंड के 40 विधायकों के आश्रितों को8,69,250 रुपये प्रतिमाह पेंशन के रुप में दिए जा रहे हैं। इनमें से 88 पूर्व विधायक पेंशन ले चुके हैं। इसके अलावा 95 पूर्व विधायकोें को 52,73,900 रुपये की पेशन प्रतिमाह दी जा रही है।
आरटीआइ (RTI) से मिली जानकारी के अनुसार सर्वाधिक पेशन राज्य में पूर्व विधायक नारायण दत्त तिवारी की पत्नी उज्जवला तिवारी को मिल रही है। दी गई जानकारी के अनुसार उज्जवला तिवारी को वर्तमान में 63500 रुपये पेंशन के रुप में मिल रहे हैं। जबकि राज्य में सबसे कम पेंशन प्रताप सिंह पुष्पवान की पत्नी इंद्रा पुष्पवान को 10 हजार रुपये मिल रही है। दस हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन पाने वालों में सत्येन्द्र चन्द्र गुडिया की पत्नी विमला गुड़िया, हरीदत्त काण्डपाल की पत्नी पार्वती देवी तथा चारू चन्द्र ओझा की पत्नी हरिप्रिया ओझा शामिल है।
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वहीं 20 हजार रुपये पेंशन पाने वालों में एक दर्जन से अधिक विधायकों के आश्रितों के नाम शामिल है। वहीं 25 हजार रुपये पेंशन पाने वाले पूर्व विधायकों के आश्रितों में तेजपाल सिंह पंवार की पत्नी चम्पा देवी,बच्ची सिंह रावत की पत्नी चम्पा रावत, बृजमोहन कोटवाल की पत्नी विजयलक्ष्मी, रणजीत सिंह वर्मा की पत्नी निर्मला सिंह तथा कौल दास की पत्नी बसन्ती देवी शामिल हैं। 30 हजार तक पेंशन प्रतिमाह पाने वाले पूर्व विधायकों में गोपाल सिंह रावत की पत्नी शान्ति रावत,कृष्ण चन्द्र पुनेठा की पत्नी विद्या पुनेठा, डा0 अनुसूया प्रसाद मैखुरी की पत्नी सावित्री देवी मैखुरी है। इसके अलावा 88 पूर्व विधायकों के आश्रितों केा भी पेंशन मिल रही हैं। इनमें राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और त्रिवेंद्र सिंह रावत के अलावा नितयानंद स्वामी इंदिरा हृदयेश भी शामिल हैं।

