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त्याग, तपस्या में कमी के लिए प्रधानमंत्री ने राम लला से माफ़ी मांगी

उत्तर प्रदेशत्याग, तपस्या में कमी के लिए प्रधानमंत्री ने राम लला से माफ़ी...

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अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री ने अपने मनोभाव प्रकट करते हुए राम लला से माफ़ी मांगी और कहा कि हम इतनी सदियों तक यह कार्य कर नहीं पाए, हमारे त्याग, तपस्या में कुछ तो कमी रही होगी। लेकिन आज वह कमी पूरी हुई है और मुझे पूरा विश्वास है कि प्रभु श्री राम आज हमें अवश्य क्षमा करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब हमारे राम लला टेंट में नहीं, दिव्य मंदिर में रहेंगे। यह क्षण अलौकिक है, यह घड़ी हम सब पर प्रभु श्री राम का आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि पक्का विश्वास है कि आज अयोध्या में जो घटित हुआ है देश और दुनिया के कोने-कोने में रामभक्तों को उसकी अनुभूति हो रही होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 22 जनवरी 2024 के दिन को हमेशा इतिहास में याद रखा जाएगा। यह सभी देशवासियों के लिए शुभ दिन हैं। आज का सूरज एक अद्भुत आभा लेकर आया है। 22 जनवरी कैलेंडर पर लिखी एक तारीख नहीं बल्कि ये एक नए कालचक्र का उद्गम है। आज से हजार साल बाद भी लोग आज की इस तारीख की चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि राम मंदिर के भूमिपूजन के बाद से ही देश में रामभक्तों का उत्साह बढ़ता ही जा रहा था। राम मंदिर का निर्माण कार्य देख हर दिन एक नया विश्वास देशवासियों में पैदा हो रहा था। आज सभी राम भक्तों को उस धैर्य की धरोहर मिली जो सदियों से धारे हुए थे।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह हम सभी के लिए भावुक क्षण है, यह पल 500 वर्ष के इंतजार के बाद आया है। पूरा देश भगवान राम की भक्ति में डूबा हुआ है, ऐसा लग रहा है कि हम ‘त्रेता युग’ में पहुंच गए हैं। राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भी इस मौके पर मौजूद लोगों को सम्बोधित किया, उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में रामलला के साथ भारत का स्वर्णिम काल लौटकर आया है।

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