- राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में योगी आदित्यनाथ से राजनीतिक प्रस्ताव पेश करवा भाजपा नेतृत्व ने दिया स्पष्ट संदेश
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री योगी के भविष्य पर अटकले लगाई जा रही थीं। बयानबाजी के दौर में यह माना जा रहा था कि शायद इस बार भाजपा की ओर से योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री प्रत्याशी ना बनाया जाए। मगर रविवार को दिल्ली में आयोजित भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में योगी आदित्यनाथ को बुलाए जाना और उनसे राजनीतिक प्रस्ताव पेश कराना यह जाहिर कर देता है कि यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरा योगी आदित्यनाथ ही रहेंगे।
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रविवार को दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर मंथन करना था। मगर इसी बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ना केवल बुलाया गया बल्कि उनसे राजनीतिक प्रस्ताव भी पेश कराया गया। गौरतलब है कि भाजपा शासित राज्यों में से केवल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ही मीटिंग में बुलाया गया था। बाकी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को वर्चुअली रूप से मीटिंग से जोड़ा गया। ऐसे में इस बैठक के बाद सीएम योगी का कद निश्चित ही पार्टी में बढ़ गया है।
यूपी के सीएम योगी से राजनीतिक प्रस्ताव पेश करवा कर भाजपा नेतृत्व ने योगी विरोधियों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि आने वाला यूपी विधानसभा चुनावयोगी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा और वही मुख्यमंत्री का चेहरा भी होंगे। सूत्रों के अनुसार भाजपा नेतृत्व का मानना है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव प्रचार कर ना केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में भी मतदाताओं को अपने पाले में खींच सकते हैं। ऐसे में योगी आदित्यनाथ का पार्टी में कद बढ़ाना बेहद जरूरी था। क्योंकि भाजपा में चल रही अंदरूनी राजनीति के कारण कुछ नेता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ निरंतर बयानबाजी कर रहे थे। ऐसे में योगी आदित्यनाथ का प्रभाव पार्टी और जनता के बीच कम होता जा रहा था।
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लेकिन रविवार का दिन जहां योगी आदित्यनाथ के लिए सुकून भरा रहा वही उनके विरोधियों की मंशा के ऊपर पानी भी फिर गया। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि देश के सबसे बड़े प्रदेश को चलाने वाले योगी आदित्यनाथ में कोराना काल में जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य किए हैं और काफी संख्या में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए हैं। योगी आदित्यनाथ हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता है ऐसे में उनके द्वारा राजनीतिक प्रस्ताव पेश कराये जाना कोई अचंभित करने वाली बात नहीं है।

