कांग्रेस पार्टी के नए अध्यक्ष पद को लेकर आज हुआ मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हो गया. मधुसूदन मिस्त्री के मुताबिक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हुई। मतदान में 9900 डेलीगेट्स में से करीब 9500 डेलीगेट्स ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया यानि कि लगभग कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में 96 प्रतिशत चुनाव हुआ. मतदान ख़त्म होने के बाद कांग्रेस केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने आयोजित पत्रकार वार्ता में मतदान के बारे में पूरी जानकारी दी.
मिस्त्री ने कहा कि इस चुनाव की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि 36 राज्यों में वोटिंग के दौरान एक भी अप्रिय घटना सामने नहीं आयी. मिस्त्री ने बताया कि 9900 आधिकारिक डेलीगेट्स में से लगभग 9500 लोगों ने मतदान में हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि AICC के सभी 87 लोगों ने मतदान किया है. मिस्त्री के मुताबिक छोटे राज्यों और यूनियन टेरिटरीज में 100 प्रतिशत पोलिंग हुई है हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि फाइनल आंकड़े कल तक उपलब्ध हो सकेंगे। इसके साथ ही मिस्त्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव डेमोक्रेसी का बेहतरीन उदाहरण है, दूसरी पार्टियां चाहें तो कांग्रेस पार्टी से सबक ले सकती हैं।
कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, महासचिव प्रियंका गाँधी ने दिल्ली में अपने मताधिकार का प्रयोग किया वहीँ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा में होने की वजह से कर्नाटक के बेल्लारी में वोट डाला, उनके साथ 40 नेताओं ने भी मतदान किया । मतदान के बाद पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि उन्हें इस दिन का लम्बे समय इंतजार था. बता दें कि पूरे 22 वर्षों के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ है. इतिहास की बात करें तो कांग्रेस पार्टी के 137 साल के इतिहास में छठी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ है.
वहीँ मधुसदन मिस्त्री के मुताबिक 19 अक्टूबर को मतों की गिनती के लिए भी पुख्ता इंतज़ाम हैं। उन्होंने बताया कि पहले सारे मतपत्रों को एकसाथ मिलाया जायेगा फिर उसके बाद ही उनकी गिनती होगी ताकि किसी को भी यह पता न चल सके कि किस राज्य से किसको कितने वोट हासिल हुए. इस चुनाव में दो उम्मीदवार थे, वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का सामना नयी सोच वाले नेता शशि थरूर से था. इससे पहले आज मतदान से पहले दोनों ही उम्मीदवारों ने एक दूसरे को शुभकामनाये भी दीं. राजनीतिक पंडितो के मुताबिक खड़गे के जीतने की सम्भावना ज़्यादा है हालाँकि थरूर उन्हें तगड़ी टक्कर दे सकते हैं , खैर इसका पता 19 अक्टूबर को चल ही जायेगा कि कांग्रेस की कमान परम्परावादी खड़गे संभालेंगे या फिर परिवर्तनकारी थरूर।

