मेघालय की सियासत ज़ोरदार तौर पर गरमाई हुई, भाजपा बुरी तरह भड़की हुई है और भड़कने की वजय यह है कि पश्चिम गारो हिल्स जिले में दक्षिण तुरा के पीए संगमा स्टेडियम में होने वाली प्रधानमंत्री मोदी की चुनावी रैली के आयोजन को अनुमति नहीं दी गयी. भाजपा इसके लिए मुख्यमंत्री कोनराड संगमा पर आरोप लगा रही है जबकि भाजपा के साथ पांच साल सरकार चलाने वाले कोनराड संगमा ने भाजपा को याद दिलाया चुनावी रैली स्थल की इजाज़त देना सरकार का नहीं चुनाव आयोग का काम है.
भाजपा आगबबूला
दरअसल मेघायल में होने वाले असेंबली चुनाव में अकेले सत्ता हासिल करने उतरी भाजपा उस समय आगबबूला हो गयी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पीए संगमा स्टेडियम में चुनावी रैली करने की इजाजत नहीं दी गयी। यहाँ पर चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में पीएम नरेंद्र मोदी को चुनावी सभा संबोधित करना था. बताया जा रहा है कि प्रशासन ने कहा है कि चुनावी रैली से मैदान खराब होने का खतरा है. जानकारी के मुताबिक चूँकि प्रधानमंत्री की रैली में भारी भीड़ आने का अनुमान है इसलिए मैदान को नुक्सान पहुँचने की आशंका है, इसके आलावा वहां पर पार्किंग आदि की भी व्यवस्था नहीं है.
बताया प्रधानमंत्री का अपमान
भाजपा इसे प्रधानमंत्री का अपमान बता रही है, भाजपा का कहना है कि स्टेडियम केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित है ऐसे में प्रधानमंत्री के चुनावी कार्यक्रम को अनुमति न देना एक निंदनीय काम है और इसके पीछे मुख्यमंत्री कोनराड संगमा का हाथ है. वहीँ संगमा का कहना है कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद सबकुछ चुनाव आयोग के हाथ में होता है, प्रशासनिक अधिकारी उसी के निर्देश पर काम करते हैं। उन्होंने कहा मुझे भी कई रैलियों की अनुमति नहीं दी गयी. बता दें कि NPP और भाजपा ने मिलकर मेघालय में पांच साल तक सरकार चलाई लेकिन इसबार भाजपा ने अपनी सहयोगी NPP से किनारा कर लिया और अकेले ही चुनाव मैदान में उतरी है. प्रधानमंत्री मोदी का 24 फरवरी को शिलॉन्ग और तुरा में चुनाव प्रचार का कार्यक्रम था. बता दें कि मेघालय में 27 फरवरी को मतदान होने हैं.

