आखिरकार 2022 में समाजवादी पार्टी का सहयोगी बनने को अपने जीवन की सबसे बड़ी गलती मानते हुए प्रस्पा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव ने अपनी पूर्व पार्टी से पूरी तरह तौबा करते हुए फिर कभी साथ न जाने की कसम खा ली है. शिवपाल ने एक मीडिया हाउस से बातचीत में कहा कि अब सपा और भाजपा छोड़ किसी के भी साथ जाना हो सकता है मगर साइकिल पर सवारी अब कभी नहीं.
सपा के साथ अपने सभी रिश्ते ख़त्म करने का एलान करते हुए शिवपाल ने कहा कि अब वो मैनपुरी से लोकसभा चुनाव में ताल ठोकेंगे। प्रस्पा अध्यक्ष शिवपाल ने कहा निकाय चुनाव में पार्टी ज़्यादा से ज़्यादा अपने उम्मीदवार उतारेगी ताकि पार्टी का जनाधार बढ़ सके. उनकी प्राथमिकता अब संगठन को मज़बूत करना है, उन्होंने कहा कि अगले आम चुनाव में पार्टी वहीँ से अपने उम्मीदवार उतारेगी जहाँ पर संगठन मज़बूत होगा।
बता दें कि शिवपाल सिंह यादव ने 1 सितंबर को ‘यदुकुल पुनर्जागरण मिशन’ की शुरुआत का एलान कर अपनी नयी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है. अपने इस मिशन वह यादव तथा अन्य पिछड़ी जातियों को एकजुट करना चाहते हैं और इसीलिए उन्होंने इस मिशन की ज़िम्मेदारी सांसद डीपी यादव को दी है. इस मिशन को सपा के मुकाबले में शुरू माना जा रहा है. राजनीतिक पंडितों का कहना है चाचा अब भतीजे को सबक सिखाने के लिए पूरी तरह कमर कस चुके हैं, यादवों को एकजुट कर वह सपा के बड़े वोट बैंक में सेंध लगाना चाहते हैं, वहीँ कुछ लोगों का कहना है कि इसके पीछे भाजपा की रणनीति काम कर रही है.

