देश में आम चुनाव में अभी काफी समय है लेकिन गोटियां बिछनी अभी से शुरू हो चुकी हैं, भाजपा ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है वहीँ कांग्रेस पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा को भी 2024 के आम चुनावों से ही जोड़ा जा रहा है. कांग्रेस ने एलान भी कर दिया है कि राहुल गाँधी ही अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद का चेहरा होंगे, कांग्रेस के इस दावे पर बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार की प्रतिक्रिया आयी है, नितीश को इस दावे से कोई हर्ज नहीं दिखाई देता है यानि उन्हें एक तरह से विपक्ष की तरफ से पीएम उम्मीदवार के रूप में राहुल गाँधी स्वीकार हैं.
रेस में शामिल नहीं
नितीश ने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस के दावे पर कहा कि इसमें कोई बुराई नहीं है, वहीँ नितीश ने एकबार फिर यह बात साफ़ कर दी कि वह प्रधानमंत्री पद के रेस में शामिल नहीं हैं, नितीश ने ये भी कहा कि पहले कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा पूरी हो जाने दीजिये उसके बाद एकबार फिर सभी विपक्षी दल एक साथ बैठकर इस बारे में बात करेंगे। बता दें कि आज अपनी प्रेस कांफ्रेंस में राहुल गाँधी ने अखिलेश यादव और मायावती की तारीफ की, राहुल ने इन दोनों नेताओं के बारे में कहा कि यह सभी देश से नफरत और हिंसा के माहौल को ख़त्म करना चाहते हैं, ये लोग भी समान सोच वाले हैं और देश में प्रेम और भाईचारा चाहते हैं.
केजरीवाल विपक्षी एकता में बाधा
वहीँ नितीश को भले ही राहुल के प्रधानमंत्री बनने पर कोई ऐतराज़ न हो लेकिन आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल को ज़रूर है और इसीलिए वह भाजपा के साथ कांग्रेस से भी दूरी बनाये रखना चाहते हैं बल्कि उनकी नज़रे तो कांग्रेस पार्टी का विकल्प बनने पर हैं और उनकी नज़रे उन राज्यों पर हैं जहाँ भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई होती है. गुजरात चुनाव में आम आदमी पार्टी भले ही जीत न पायी हो लेकिन उसने कांग्रेस का नुक्सान करके भाजपा को भारी फायदा ज़रूर पहुँचाया। इसी तरह तेलंगाना के मुख्यमंत्री KCR की भी महत्वाकांक्षाएं तेलंगाना से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति पर हैं, इसके अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विपक्ष की एकता की बात भले ही करती हों लेकिन कांग्रेस का या राहुल का नाम आते ही वो भी पीछे हट जाती हैं, ऐसे में नितीश का यह बयान विपक्षी एकता में कितना प्रभावी होगा देखने वाली बात होगी.

