कांग्रेस पार्टी के संगठनात्मक चुनाव के तहत इन दिनों अध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रचार चल रहा है. मुकाबला शशि थरूर और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच है जिन्हें गाँधी फैमिली का उम्मीदवार माना जा रहा है. अपने प्रचार अभियान में खड़गे ने भोपाल में एक कहावत का नाम लेकर ऐसी बात कह दी कि उसपर राजनीति शुरू होना स्वाभाविक है. खड़गे ने कहा कि हमारी तरफ एक कहावत है कि बकरीद में बचेंगे तो मुहर्रम में नाचेंगे( मुहर्रम शोक मनाने का पर्व होता है ). खड़गे के इस बयान पर भाजपा ने उन्हें आड़े हाथों लिया है और कहा है कि खड़गे का बयान मुस्लिम समुदाय का अपमान है.
दरअसल भोपाल में कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार से पत्रकारों ने अगले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के पीएम उम्मीदवार पर सवाल किया कि इस पद के लिए राहुल गाँधी दावेदार होंगे या फिर आप. खड़गे ने इस सवाल के जवाब में उपरोक्त कहावत का ज़िक्र करते हुए कहा कि पहले हमें अध्यक्ष तो बन जाने दीजिये उसके बाद देखेंगे कि कौन उम्मीदवार होगा।
खड़गे के इस बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खड़गे साहब को इतना भी नहीं पता कि मुहर्रम कोई जश्न का त्यौहार नहीं बल्कि मातम का पर्व है, पूनावाला ने कहा कि खड़गे का यह बयान मुसलमानों का अपमान है। बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए इस वक्त दोनों ही उम्मीदवार धुंआधार प्रचार में जुटे हैं और हर राज्य में जाकर उन लोगों से मिल रहे हैं जिन्हें वोट करने का अधिकार है. कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए होने वाले इस चुनाव में 17 अक्टूबर को मतदान होगा और 19 तारीख को रिजल्ट की घोषणा की जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने कह रखा है कि गाँधी परिवार इस चुनाव में तटस्थ रहेगा, फिर भी शशि थरूर का आरोप है कहीं न कहीं पारदर्शिता ख़त्म की जा रही है.

