- चेकिंग अभियान चलाकर पांच-पांच सौ रूपये का जुर्माना लगाया
- लापरवाही की कीमत लोगों को चालान के रूप में चुकानी पड़ी
मेरठ। बिना मास्क पहने सड़कों पर आये लोगों पर आज पुलिस ने सख्ती दिखाई। महानगर में अनेक स्थानों पर चले चेकिंग अभियान के अन्र्तगत बिना मास्क पहने मिले लोगों का पांच-पांच सौ रूपये का चालान काटा गया। पुलिस को देखते ही लोगों ने रूमाल आदि से मुंह ढककर बचने का प्रयास किया मगर पुलिस की तेज निगाहों से वह बच नहीं सके और लापरवाही की कीमत उन्हें चालान के रूप में चुकानी पड़ी। पुलिस ने दोपहिया वाहन चालकों से लेकर रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों तक को चेक किया।
मेरठ में कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। हाल ही में हुई आॅनलाइन समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संक्रमण के तेजी से हो रहे प्रसार पर गंभीर रूख अपनाते हुए पुलिस को योजना बनाकर कार्रवाई करने के आदेश दिये थे। सोमवार को मेरठ के शहर और देहात क्षेत्र में पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाकर मास्क पहने बिना घर से निकलने वाले लोगों पर सख्ती दिखाई। विभिन्न स्थानों पर खड़ी पुलिस को देखकर लोग बचकर भागते दिखाई दिये। वहीं कुछ लोग पुलिसकर्मियों के सामने ही रूमाल-गमछा आदि से मुंह ढककर एक बार छोड़ देने की गुहार लगाते दिखाई दिये। कुछ लोग रोके जाने पर पुलिस से झगड़ा करने से भी नहीं चूके। मगर पुलिस ने किसी को नहीं बख्शा और मास्क पहनने में लापरवाही दिखाने वाले लोगों का पांच-पांच सौ रूपये का चालान काट दिया। वहीं बेगमपुल चैराहे पर एएसपी के नेतृत्व में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। दोपहिया वाहनों से लेकर बस यात्रियों तक को चेक किया गया।
मास्क न पहनने पर हुए जुर्माने के बाद शायद मेरठवासी मास्क पहनने को गंभीरता से लें। क्योंकि कोरोना संक्रमण की वैक्सीन आने से पहले मास्क को ही वैक्सीन मानना बेहद आवश्यक है। विशेषज्ञों के अनुसार उचित तरीके से मास्क पहनने से कोरोना संक्रमण का खतरा 90 प्रतिशत तक कम हो जाता है। मगर मेरठ में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बावजूद लोग मास्क पहनने से परहेज कर रहे हैं। बात करें मेरठ जिले की तो अब तक यहां 9323 कोरोना पाॅजिटिव केस मिल चुके हैं। कोरोना के संक्रमण से 227 लोग अपनी जान गवां चुुके हैं। जिले में कोरोना एक्टिव की संख्या 2,574 हैं और 6,522 संक्रमित उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं।

