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आज महान क्रांतिकारियों को नमन करने का दिन, हर जन की आकांक्षा पूरा करना हमारा कर्तव्य : पीएम मोदी

नई दिल्ली। स्वतंत्रता की 76 वीं वर्षगांठ पर आज लाल किले की प्राचीर से नौंवी बार लगातार पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश को आजादी दिलाने वाले महान क्रांतिकारियों को स्मरण कर उन्हें नमन किया। पीएम मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, डॉ0 भीमराव आंबेडकर और  वीर सावरकर का खासतौर से स्मरण किया। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बापू का सपना आखिरी व्यक्ति की आकांक्षा को पूरा करना था। हमें उनके सपने को पूरा करना है। हर जन की आकांक्षा को पूरा करना है। पीएम ने कहा कि कर्तव्य पथ पर प्राणों की आहुति देने वाले बापू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डा0 अंबेडकर, वीर सावरकर के प्रति देश का हर नागरिक आभारी हैं। कर्तव्य पथ उनका जीवन पथ रहा। पीएम ने कहा कि यह देश तात्या टोपे, मंगल पांडे, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव, राजगुरु,  राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान और ब्रिटिश शासन की नींव हिलाने वाले असंख्य क्रांतिकारियों का आज कृतज्ञ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान का कोई कोना, कोई काल ऐसा नहीं जब देशवासियों ने सैकड़ों सालों तक गुलामी के खिलाफ जंग न की हो। जीवन न खपाया हो, आहुति न दी हो। आज हम देशवासियों के लिए ऐसे महापुरुष को, हर त्यागी और बलिदानी को नमन करने का अवसर है।

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पीएम ने कहा कि आजादी की जंग लड़ने वाले पं0 जवाहर लाल नेहरू, डॉ0 राजेंद्र प्रसाद, जयप्रकाश नारायण,श्याम प्रसाद मुखर्जी,नानाजी देशमुख,  राम मनोहर लोहिया जैसे महापुरुषों को नमन करने का अवसर है। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में देशवासियों ने मुझे जो दायित्व दिया। आजादी के बाद जन्मा हुआ मैं पहला व्यक्ति था जिसको लाल किले से देशवासियों को गौरव गान करने का मौका मिला। लेकिन जो आप लोगों से सीखा हूं। जितना आप लोगों को जान पाया हूं मेरे देशवासियों। आपके सुखःदुख को समझा हूं। उसको लेकर मैने अपना पूरा कालखंड देश को मजबूत करने में खपाया है। शोषित, दलित, आदिवासी, पीड़ित, युवा, महिला, किसान के लिए हर पल कुछ करने का जज्बा इतने सालों में मिला है। महात्मा गांधी का जो सपना था आखिरी व्यक्ति की चिंता करने का। मैंने अपने आपको उसके लिए समर्पित किया है। आठ साल का नतीजा और आजादी के दशकों का अनुभव आज 75 साल के अमृत काल की ओर हम कदम रख रहे हैं। मैं एक ऐसे सामर्थ्य को देखता हूं। तो इसे देखकर गौरव से भर जाता हूं। आज भारत का जन मन आकांक्षी है। ये देश की बड़ी अमानत होती है। हमें गर्व है कि आज हिंदुस्तान के हर कोने में, हर वर्ग में, हर तबके में अकांक्षाएं उफान पर है।

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