भारत में आज, 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया जा रहा है। इस दिन 1947 में देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले और अपना घर-बार छोड़ने को मजबूर हुए लोगों को याद किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विभाजन से प्रभावित लोगों को श्रद्धांजलि दी और उनके साहस को नमन किया।
PM मोदी ने विभाजन के दर्द को किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि विभाजन का दौर इतिहास का ऐसा समय था, जिसने कई लोगों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी। परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और भारी पीड़ा का सामना किया।
पीएम मोदी ने कहा कि इतनी मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद प्रभावित लोगों ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी जिंदगी दोबारा शुरू की, चुनौतियों को सफलता में बदला और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि इन लोगों की जीवन यात्रा हमें इंसानी हौसले और मुश्किल हालात से उबरने की ताकत की याद दिलाती है।
सद्भाव और भाईचारे का दिया संदेश
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर देश में आपसी सद्भाव और भाईचारा मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस देश की एकता को बनाए रखने के संकल्प को और मजबूत करे और सभी लोग मिलकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में काम करें।
एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा कि वे उन सभी देशवासियों को नमन करते हैं, जिन्होंने विभाजन के कठिन दौर का सामना करने के बाद देश की प्रगति में अहम योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि इन लोगों ने अपने साहस और क्षमता से दिखाया कि मुश्किल परिस्थितियों में भी मजबूत संकल्प के साथ आगे बढ़ा जा सकता है।
2021 में हुई थी इस दिवस की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2021 में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
इस दिवस का उद्देश्य 1947 के विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा और संघर्ष को याद करना है। सरकार का मानना है कि इससे नई पीढ़ी को विभाजन के दर्द और उस समय की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही यह दिन समाज में सद्भाव, एकता और भाईचारा बनाए रखने तथा लोगों को समाज को बांटने वाली ताकतों के प्रति सतर्क रहने का संदेश भी देता है।
